Daily Voice:चुनावी साल में बाजार रहेगा वोलेटाइल, नजर आ रहे IT शेयरों में खरीदारी के मौके

त्योहारी सीजन के बाद देश में कंज्यूमर के सेंटीमेंट में काफी कमजोरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही के नतीजों से भी इसका अंदाजा लगता है। इसके लिए बढ़ती महंगाई के साथ ही कई दूसरे कारण जिम्मेदार हैं। लेकिन कच्चे माल की कीमतों में गिरावट के कारण आगे हमें खपत से जुड़ी कंपनियों के मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है

अपडेटेड Feb 28, 2023 पर 8:25 PM
हरीश कृष्णन का कहना है कि चुनावी वर्ष होने के नाते आगे हमें बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है

कंपनियों के प्रदर्शन में मजबूती और उपभोक्ताओं से जुड़े आंकड़ों में सुधार को देखते हुए हमें अमेरिका में सॉफ्ट लैंडिंग की संभावना दिख रही है। ऐसे में बाजार का मीडियम टर्म आउटलुक काफी मजबूत दिख रहा है। आईटी स्पेस में तमाम अनिश्चतताओं के बावजूद इस समय इस सेक्टर में अच्छे मौके नजर आ रहे हैं। ये बातें कोटक महिंद्रा असेट मैनेजमेंट के सीनियर वीपी और फंड मैनेजर हरीश कृष्णन ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कही हैं।

आईटी शेयरों का मीडिया टर्म आउटलुक काफी अच्छा

इक्विटी रिसर्च और फंड मैनेजमेंट का एक दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले हरीश कृष्णन का कहना है कि चुनावी वर्ष होने के नाते आगे हमें बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को इस वोलैटिलिटी और सिक्लिकल उतार-चढ़ाव को क्वालिटी शेयरों में मध्यम अवधि के नजरिए से खरीदारी के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों का मीडिया टर्म आउटलुक काफी अच्छा नजर आ रहा है।


देश में महंगाई से निपटने के लिए क्या आरबीआई को दूसरे तरीके अपनाने की जरूरत है?

इस सवाल का जवाब देते हुए कृष्णन ने कहा कि महंगाई से निपटने के लिए हमें वित्तीय और मौद्रिक दोनों तरह के नीतिगत उपाय अपनाने की जरूरत है।

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क्या 2023 खपत से जुड़े शेयरों के लिए मुश्किल वाला साल रहेगा?

इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के बाद देश में कंज्यूमर के सेंटीमेंट में काफी कमजोरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही के नतीजों से भी इसका अंदाजा लगता है। इसके लिए बढ़ती महंगाई के साथ ही कई दूसरे कारण जिम्मेदार हैं। लेकिन कच्चे माल की कीमतों में गिरावट के कारण आगे हमें खपत से जुड़ी कंपनियों के मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

पावर सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वितरण कंपनियों को लेकर सरकार ने काफी सुधार किए हैं। जिससे पावर सेक्टर में पावर इक्यूपमेंट बनाने वाली कंपनियों, पावर उत्पादन से जुड़ी कंपनियों और पावर के ट्रांसमिशन और पावर डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हो सकता है।

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