Daily Voice: US Fed की टैपरिंग से भारतीय बाजारों पर नहीं पडे़गा बहुत असर, बाजार की लॉन्ग टर्म स्टोरी मजबूत

हर्षद पाटिल ने कहा कि PLI स्कीम से फायदा उठाने वाले सेक्टर, इंडस्ट्रियल ग्रोथ से जुड़े सेक्टर और हाउसिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़े शेयरों से अच्छी कमाई होने की संभावना है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों पर भी नजरें रहेंगी।

अपडेटेड Dec 13, 2021 पर 7:28 PM
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हर्षद पाटिल ने कहा कि हमारा विश्वास है कि आगे बढ़ने के साथ ही US फेड द्वारा लाया जानें वाला टैपरिंग प्रोग्राम अगर बहुत एग्रसेवि भी रहा तो भारतीय बाजारों पर बहुत ज्यादा नेगेटिव असर नहीं डाल पाएगा.

भारतीय बाजार के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। घरेलू फंड और निवेशक बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं। जिससे बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। इस माहौल में मनीकंट्रोल से हुई अपनी खास बातचीत में टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस के हर्षद पाटिल (Harshad Patil) ने कहा कि हमारा विश्वास है कि आगे बढ़ने के साथ ही US फेड द्वारा लाया जानें वाला टैपरिंग प्रोग्राम अगर बहुत एग्रसेवि भी रहा तो भारतीय बाजारों पर बहुत ज्यादा नेगेटिव असर नहीं डाल पाएगा। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि ब्याज दरों में बढ़तोरी की उम्मीद के बीच 3-5 साल के लंबे नजरिए से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए इक्विटी बाजार सबसे बेहतर निवेश विकल्प बना रहेगा।

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में इकोनॉमिक गतिविधियों के तेजी पकड़ने और ग्लोबल लिक्विडिटी सरप्लस के चलते तेजी आती दिखी है। हालांकि हाल के दिनों में कोरोना के नए वेरिएंट से जुड़ी चिंता के कारण बाजार में करेक्शन आया है। हमारा यह भी मानना है कि कुछ सेगमेंट में वैल्यूएशन थोड़ा महंगे हो गए हैं। जिसकी वजह से आगे हमें बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

RBI की पॉलिसी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक नियर टर्म में अपनी नीतियो में नरमी बनाए रखेगा। क्योंकि इकोनॉमी में रिकवरी के लिए अभी भी सपोर्ट की जरूरत है। नियर टर्म में रेपो रेट में किसी बदलाव की उम्मीद नजर नहीं आती। भारतीय बाजारों में FIII की बिकवाली पर उन्होंने कहा कि तुलनात्मक रूप से महंगा हो जाना भारतीय बाजारों में FII की बिकवाली की अहम वजह है।


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वर्तमान स्तरों पर भारतीय बाजार महंगे नजर आ रहे हैं। जबकि दूसरे उभरते बाजार भारत की तुलना में ज्यादा आकर्षक नजर आ रहे हैं। जिसके चलते विदेशी निवेशक भारत से पैसे निकाल कर दूसरे उभरते बाजारों में पैसे लगा रहे हैं। इसके अलावा मजबूत होते डॉलर इंडेक्स से इस बात का संकेत मिलता है कि मुद्रा का प्रवाह एक बार फिर विकसित देशों की ओर मुड़ रहा है। इसके अलावा नवंबर महीने में IPO बाजार की भारी गहमा-गहमी में भी सेकेंड्री मार्केट पर दबाव बनाया है।

साल 2022 में निवेश के लिए कहां होगी नजर? इस सवाल का जवाब देते हुए हर्षद पाटिल ने कहा कि PLI स्कीम से फायदा उठाने वाले सेक्टर, इंडस्ट्रियल ग्रोथ से जुड़े सेक्टर और हाउसिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़े शेयरों से अच्छी कमाई होने की संभावना है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों पर भी नजरें रहेंगी।

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