Dalal Street Week Ahead: Q2 नतीजों, FOMC बैठक, ऑटो सेल्स, FII आउटफ्लो समेत इन अहम फैक्टर्स से तय होगी बाजार की चाल

गुजरे सप्ताह के दौरान BSE Sensex 1,615 पॉइंट गिरकर 63,783 पर सेटल हुआ, वहीं Nifty 495 पॉइंट गिरकर 19,047 पर सेटल हुआ। Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 इंडेक्स क्रमश: 3 और 2 प्रतिशत डाउन रहे। बाजार सहभागियों की नजर अक्टूबर के मासिक ऑटो बिक्री आंकड़ों पर भी रहेगी, जो 1 नवंबर को जारी होने वाले हैं। ज्यादातर विशेषज्ञों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन के कारण कंपनियां अच्छे आंकड़े जारी रखेंगी

अपडेटेड Oct 29, 2023 पर 10:38 AM
प्राइमरी मार्केट एक्टिविटीज में अगले सप्ताह तेजी रहेगी क्योंकि 6 कंपनियां आईपीओ लॉन्च करने वाली हैं।

पिछले सप्ताह शेयर बाजार लगभग 2.5 प्रतिशत नीचे आए। पश्चिमी एशिया में बढ़ता तनाव, विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार पैसे निकाला जाना, अमेरिकी बॉन्ड की उच्च यील्ड, कंपनियों के तिमाही नतीजे आदि इसके पीछे के कारण रहे। गुजरे सप्ताह के दौरान BSE Sensex 1,615 पॉइंट गिरकर 63,783 पर सेटल हुआ, वहीं Nifty 495 पॉइंट गिरकर 19,047 पर सेटल हुआ। Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 इंडेक्स क्रमश: 3 और 2 प्रतिशत डाउन रहे। 30 अक्टूबर से शुरू हो रहे सप्ताह में भी शेयर बाजारों में थोड़ी मंदी रहने का अनुमान है। आने वाले सप्ताह में कौन से अहम फैक्टर्स शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे, आइए डालते हैं एक नजर...

कॉरपोरेट अर्निंग्स

अगले सप्ताह भी बाजार की चाल तय करने में कॉरपोरेट अर्निंग्स सबसे बड़ा फैक्टर रहेंगी। आने वाले सप्ताह में लगभग 700 कंपनियां अपने नतीजे जारी कर सकती हैं, जिनमें भारतीय स्टेट बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, टाटा स्टील, सन फार्मास्युटिकल, हीरो मोटोकॉर्प, टाइटन, यूपीएल, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेस और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।


इसके अलावा गेल इंडिया, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, अंबुजा सीमेंट्स, टीवीएस मोटर, इंटरग्लोब एविएशन, जोमैटो, डेल्हीवरी, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, डीएलएफ, मैरिको, अदाणी पावर, जिंदल स्टील एंड पावर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, डाबर इंडिया , गोदरेज प्रॉपर्टीज, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, भारत डायनेमिक्स, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर, थर्मैक्स और पीबी फिनटेक भी अपने सितंबर तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगे।

FOMC बैठक और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा

वैश्विक बाजार 1 नवंबर को फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के नतीजों पर नजर रखेंगे। इस दौरान फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के कमेंट्स पर भी फोकस रहेगा। अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि फेड फंड दर 5.25-5.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रहने की उम्मीद है। लेकिन साल के अंत तक अंतिम दर वृद्धि की संभावना के बारे में पॉवेल की टिप्पणी और रेट हाइक में ठहराव के बारे में संकेत भी महत्वपूर्ण होंगे।

अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड लगभग 16-वर्ष के उच्चतम स्तर पर है। हालांकि यह पिछले सप्ताह के 4.93 प्रतिशत के मुकाबले इस सप्ताह थोड़ी कम होकर 4.84 प्रतिशत पर आ गई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 106.16 के स्तर से बढ़कर 106.58 पर बंद हुआ। इसके अलावा 31 अक्टूबर और 2 नवंबर को होने वाली बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड की पॉलिसी मीटिंग्स पर भी निवेशक खासा ध्यान रखेंगे। अक्टूबर के लिए अमेरिकी बेरोजगारी दर, नॉन-फार्म पेरोल और मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई नंबर्स; फैक्टरी ऑर्डर और Q3CY23 के लिए यूरोप की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान पर भी वैश्विक निवेशकों की नजर रहेगी।

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इजराइल-हमास युद्ध

इजराइल और हमास के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक विकास के दृष्टिकोण और तेल की कीमतों में अस्थिरता पर अनिश्चितता बढ़ा दी है। यह युद्ध अगले सप्ताह भी वैश्विक स्तर पर चर्चा के लिए हॉट टॉपिक्स में से एक रहेगा। इसकी वजह है कि युद्ध के कारण सेफ-हेवन डिमांड ने पिछले सप्ताह COMEX सोने की कीमतों को 2,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से ऊपर उठा दिया।

शनिवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ युद्ध के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। इजरायल ने गाजा में बंधकों को घर वापस लाने के लक्ष्य के साथ गाजा में ग्राउंड ऑपरेशंस बढ़ा दिए हैं ताकि हमास के समूहों को नष्ट किया जा सके। चालू माह के दौरान तेल की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहीं और 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहीं क्योंकि युद्ध ने अभी तक तेल की आपूर्ति को प्रभावित नहीं किया है। तेल की कीमतों को मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से भी सपोर्ट मिला।

FII फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली पिछले सप्ताह उच्च स्तर पर रही और इसकी वजह से भी शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। एफआईआई ने पिछले सप्ताह भारतीय इक्विटी से 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। अक्टूबर में एफआईआई की ओर से कुल आउटफ्लो सितंबर के लगभग 26,600 करोड़ रुपये के बराबर रहा। इसका कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि, पश्चिम एशिया में इजराइल-हमास युद्ध के कारण अनिश्चितता और सितंबर-तिमाही की मिश्रित आय है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव से संबंधित अस्थिरता कम नहीं हो जाती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कम नहीं हो जाती और वैल्यूएशन आकर्षक नहीं हो जाता, तब तक एफआईआई की ओर से निवेश वापस आने की संभावना नहीं है। वित्तीय सेवाओं और आईटी शेयरों में एफआईआई बिकवाली का अधिक दबाव देखा गया है। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने सप्ताह के दौरान 11,550 करोड़ रुपये और चालू माह में 23,400 करोड़ रुपये के स्टॉक खरीदकर एफआईआई के आउटफ्लो को काफी हद तक कम करने में कामयाबी हासिल की है।

ऑटो बिक्री

घरेलू मोर्चे पर, बाजार सहभागियों की नजर अक्टूबर के मासिक ऑटो बिक्री आंकड़ों पर भी रहेगी, जो 1 नवंबर को जारी होने वाले हैं। ज्यादातर विशेषज्ञों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन के कारण कंपनियां अच्छे आंकड़े जारी रखेंगी। कंपनियों की ओर से प्रोडक्ट लॉन्च, बढ़ते उत्पादन स्तर और मजबूत आर्थिक विकास भी बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं। सितंबर में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री पिछले साल से 19 प्रतिशत और टूव्हीलर्स की बिक्री 22 प्रतिशत बढ़ी।

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डॉमेस्टिक इकोनॉमिक डेटा

देश के अंदर आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर, सितंबर के लिए राजकोषीय घाटा और इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट डेटा 31 अक्टूबर को जारी किया जाएगा। वहीं अक्टूबर के लिए एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़े 1 नवंबर को जारी किए जाएंगे। 3 नवंबर को अक्टूबर के लिए एसएंडपी ग्लोबल सर्विसेज और कंपोजिट पीएमआई, 20 अक्टूबर को समाप्त 15 दिनों की अवधि के लिए बैंक ऋण और जमा वृद्धि, और 27 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का आंकड़ा जारी किया जाएगा।

IPO मार्केट

प्राइमरी मार्केट एक्टिविटीज में अगले सप्ताह तेजी रहेगी क्योंकि 6 कंपनियां आईपीओ लॉन्च करने वाली हैं। मेनबोर्ड सेगमेंट में, कंज्यूमर-वेयर कंपनी सेलो वर्ल्ड 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान अपना 1,900 करोड़ रुपये का आईपीओ खोलेगी। इसका प्राइस बैंड 617-648 रुपये प्रति शेयर होगा। वहीं मामाअर्थ की पेरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर का 1,701 करोड़ रुपये का आईपीओ 31 अक्टूबर को खुलेगा और 2 नवंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड 308-324 रुपये प्रति शेयर होगा। एसएमई सेगमेंट में ट्रांसटील सीटिंग टेक्नोलॉजिज 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक 49.98 करोड़ रुपये का आईपीओ लाएगी और प्राइस बैंड 67-70 रुपये प्रति शेयर होगा। वृंदावन प्लांटेशन का 15.29 करोड़ रुपये का आईपीओ भी इसी अवधि के दौरान खुलेगा और प्राइस बैंड 108 रुपये प्रति शेयर होगा।

मिश डिजाइंस का 9.76 करोड़ रुपये का इश्यू बोली के लिए 31 अक्टूबर से 2 नवंबर के दौरान खुलेगा और प्राइस बैंड 122 रुपये प्रति शेयर रहेगा। एसएआर टेलीवेंचर इश्यू अगले महीने 1-3 नवंबर के दौरान खुलेगा। प्राइस बैंड 52-55 रुपये प्रति शेयर होगा और 24.75 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश होगी। पिछले सप्ताह खुले आईपीओ जैसे पैरागॉन फाइन और स्पेशिएलिटी केमिकल्स 30 अक्टूबर को बंद होंगे, शांथला एफएमसीजी प्रोडक्ट्स 31 अक्टूबर को, केके शाह हॉस्पिटल्स 31 अक्टूबर को और मैत्रेय मेडिकेयर 1 नवंबर को बंद होंगे।

लिस्टिंग के मोर्चे पर, फार्मा कंपनी ब्लू जेट हेल्थकेयर 1 नवंबर को डेब्यू कर सकती है। राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स 31 अक्टूबर को एनएसई इमर्ज पर लिस्ट हो सकती है।

F&O Cues और India VIX

ऑप्शंस डेटा ने संकेत दिया है कि 19,200 के प्रमुख इमीडिएट रेजिस्टेंस लेवल होने की उम्मीद है। इसके बाद यह 19,500-19,600 पर होगा। निचले स्तर पर, 19,000-18,800 आने वाले दिनों में निफ्टी50 के लिए ब्रॉड एरिया सपोर्ट होगा। कॉल साइड पर, मैक्सिमम ओपन इंटरेस्ट पहले 19,200 स्ट्राइक पर देखा गया, उसके बाद यह 19,500 स्ट्राइक पर देखा गया। कॉल राइटिंग पहले 19,200 स्ट्राइक पर, फिर 19,600 और 19,500 स्ट्राइक पर देखी गई। पुट साइड पर, मैक्सिमम ओपन इंटरेस्ट 19,000 स्ट्राइक पर और फिर 18,800 और 18,900 स्ट्राइक पर देखा गया। पुट राइटिंग पहले 19,000 स्ट्राइक, फिर 18,900 और 18,800 स्ट्राइक पर देखी गई।

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कॉरपोरेट एक्शंस

आने वाले सप्ताह के प्रमुख कॉरपोरेट एक्शंस इस प्रकार हैं:

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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