सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने कुछ दिन पहले फ्रंट-रनिंग घोटाले के आरोप में केतन पारेख और रोहित सालगांवकर के खिलाफ आदेश जारी किया था। इस आदेश ने लोगों का अनरजिस्टर्ड डार्क पूल प्लेटफॉर्म्स की ओर ध्यान खींचा है, जिसका इस्तेमाल विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारत में निवेश के लिए करते हैं। ये प्लेटफॉर्म बड़े इक्विटी सौदों के लिए ऑर्डर मैचिंग की सुविधा देते हैं और FPIs खरीदारों और विक्रेताओं के बीच इंटरमीडियरीज (मध्यस्थ) की भूमिका निभाते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स में लिक्विडनेट (Liquidnet) और ITG Posit (अब Virtu Financial के स्वामित्व में) जैसे नाम शामिल हैं। इस मामले से वाकिफ लोगों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी।
