डिफेंस शेयरों में मुनाफावसूली करें या खरीदारी के लिए गिरावट का इंतजार करें?

पिछले कुछ हफ्तों से डिफेंस शेयरों में जारी तेजी ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, गार्डन रिच और कोचिन शिपयार्ड के स्टॉक्स अपने हालिया निचले स्तर से 100 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं। डिफेंस स्टॉक्स में इस तेजी की कई वजहें हैं। हालांकि, इस तेजी में डिफेंस शेयरों में निवेश करने से पहले निवेशकों के लिए कुछ बातें जानना जरूरी है

अपडेटेड Mar 24, 2025 पर 11:32 AM
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Paras Defence, Bharat Electronics, Bharat Dynamics और Zen Technologies के शेयरों में 48-56 फीसदी उछाल आया है।

डिफेंस कंपनियों के शेयरों ने तहलका मचाया है। एक हफ्ते में 30 फीसदी उछाल। अपने हालिया निचले स्तर से ये स्टॉक्स 100 फीसदी से ज्यादा उछल चुके हैं। 24 मार्च को निफ्टी इंडिया डिफेंस सूचकांक में 2.76 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इस तेजी ने निवेशकों को हैरान किया है। इसकी वजह यह है कि इस साल की शुरुआत में मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा पिटाई डिफेंस स्टॉक्स की हुई थी। कुछ डिफेंस स्टॉक्स तो 2023 के अपने ऑल-टाइम हाई से 50-70 फीसदी तक क्रैश कर गए थे।

निचले स्तर से 183 फीसदी चढ़ें ये स्टॉक्स

अब Mazagon Dock Shipbuilders अपने हालिय निचले स्तर से 183 फीसदी चढ़ चुका है। Garden Reach Shipbuilders & Engineers अपने हालिया निचले स्तर से 126 फीसदी और Cochin Shipyard 67 फीसदी चढ़ चुका है। Paras Defence, Bharat Electronics, Bharat Dynamics और Zen Technologies के शेयरों में 48-56 फीसदी उछाल आया है। हालांकि, अब भी कुछ डिफेंस स्टॉक्स अपने पिछले हाई से नीचे बने हुए हैं। इस तेजी का मतलब क्या है?


अभी डिफेंस स्टॉक्स में संस्थागत निवेशकों की खरीदारी नहीं

ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर के एनालिस्ट अमित अनवानी ने कहा, "यह डिफेंस स्टॉक्स में रिलीफ रैली है। यह दूसरे सेक्टर्स के स्टॉक्स में आई तेजी की तरह है।" डिफेंस स्टॉक्स में बड़ी इंस्टीट्यूशनल खरीदारी अभी नहीं दिख रही है। एक फंड मैनेजर ने भी इस बात की तस्दीक की। उन्होंने कहा कि डिफेंस शेयरों में बड़ी संस्थागत खरीदारी नहीं दिखी है। अर्निंग्स स्टोरी भी पिछले साल जैसी है। इसका मतलब है कि सिर्फ सेंटिमेंट बदला है।

मार्च डिफेंस ऑर्डर्स के एप्रूवल का महीना

दरअसल, मार्च में डिफेंस से जुड़े ऑर्डर्स एप्रूव होते हैं। इस बार भी ऐसा दिख रहा है। पिछले हफ्ते डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 54,000 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इससे इस फाइनेंशियल ईयर में एप्रूव ऑर्डर्स का मूल्य बढ़कर 2.2 लाख करोड़ (ट्रिलियन) रुपये हो गया है। इंडियन कंपनियों से डिफेंस इक्विपमेंट की खरीदारी FY19 के 54 फीसदी से बढ़कर 75 फीसदी पहुंच गई है। एक दूसरा बड़ा बदलाव यह है कि सरकार ने डिफेंस इक्विपमेंट की खरादीरी के समय को दो साल से घटाकर छह महीने कर दिया है। यह PTC Industries, Mazagon Dock, Hindustan Aeronautics (HAL), BEL और BDL जैसी कंपनियों के लिए अच्छी खबर है।

दुनियाभर में डिफेंस पर बढ़ा रहा है खर्च

उधर, दुनियाभर में हथियारों की खरीद बढ़ी है। 2023 में ग्लोबल डिफेंस बजट 2.24 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर था, जो 2024 में बढ़कर 2.46 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर पहुंच गया। जर्मनी ने हाल में 500 अरब यूरो के डिफेंस प्रोग्राम को मंजूरी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को डिफेंस पर खर्च बढ़ाकर जीडीपी के 5 फीसदी तक करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करने पर यूरोपीय देशों के लिए रिस्क बना रहेगा। दुनिया में डिफेंस पर बढ़ता खर्च डिफेंस कंपनियों के लिए अच्छी खबर है।

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आपको क्या करना चाहिए?

अभी ज्यादातर डिफेंस स्टॉक्स में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के 40 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह बहुत ज्यादा नहीं है तो बहुत कम भी नहीं है। अभी डिफेंस स्टॉक्स में दिख रही तेजी की वजह सेंटिमेंट में बदलाव और पॉजिटिव खबरें हैं। चौथी तिमाही में डिफेंस कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है। डिफेंस कंपनियों को आगे अच्छा ऑर्डर मिलते रहने की संभावना है।

डिफेंस स्टॉक की असल परीक्षा मार्केट में अगले करेक्शन के दौरान होगी। अभी डिफेंस स्टॉक्स में अभी संस्थागत खरीदारी देखने को नहीं मिली है। ऐसे में निवेशकों को इस रैली में ज्यादा खरीदारी करने के बजाय हर गिरावट पर थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करने की सलाह है।

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