Stock Markets: सावधान! क्योंकि मार्केट अब भी बेयरिश फेज में है, यहां जानिए मार्केट की क्या है पूरी तस्वीर

बीते हफ्ते मार्केट्स पांचों दिन चढ़कर बंद हुआ। आज यानी 24 मार्च को भी मार्केट शानदार तेजी के साथ खुला। इससे इनवेस्टर्स उत्साहित हैं। उन्हें मार्केट का सेंटिमेंट बदलने की उम्मीद है। लेकिन, सच यह है कि मार्केट अब भी बेयरशि ट्रेंड में है। इसलिए यह समय सावधानी बरतने का है

अपडेटेड Mar 24, 2025 पर 11:16 AM
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पिछले हफ्ते Nifty 4.26 फीसदी चढ़कर 22,353 से 23,440 पर पहुंच गया।

निफ्टी के लिए बीता हफ्ता शानदार रहा। यह 4.26 फीसदी चढ़कर 22,353 से 23,440 पर पहुंच गया। इस तेजी ने निवेशकों के बीच उम्मीद जगाई है। कुछ इनवेस्टर्स बुलिश ट्रेंड की शुरुआत के कयास लगा रहे हैं। लेकिन, बड़ा सवाल यह है- क्या सच में मार्केट का ट्रेंड बदल गया है या यह सिर्फ शॉर्ट टर्म आया उछाल है?अगर पूरी मार्केट की तस्वीर देखी जाए तो यह साफ है कि निफ्टी 50 का लॉन्ग टर्म अब भी बुलिश है। हालांकि, 26,200 से 22,000 तक की तेज गिरावट ने मीडियम टर्म में मार्केट का ट्रेंड बदला है। इसने कई ट्रेडर्स को ठहरने को मजबूर किया है। अब 22,000 से 23,400 की तेजी ने भले ही उम्मीद की किरण जगाई है, लेकिन इसने निफ्टी 50 के मीडियम टर्म ट्रेंड को नहीं बदला है।

गोल्डन क्रॉस और डेथ क्रॉस के संकेत क्या कहते हैं?

Nifty 50 के चार्ट का एनालिसिस करने से पहले हमें Golden Cross और Death Cross को देखना होगा। ये दोनों मूविंग एवरेजेज पर आधारित ट्रेंड को फॉलो करने वाले सबसे प्रमुख इंडिकेटर्स हैं। गोल्डन क्रॉस तब बनता है, जब शॉर्ट मूविंग एवरेज (50DEMA) लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज (200DEMA) को क्रॉस कर जाता है। इस क्रॉसओवर को मार्केट में बुलिश ट्रेंड का स्ट्रॉन्ग संकेत माना जाता है। यह बुलिश ट्रेडर्स में काफी लोकप्रिय है।


डेथ क्रॉस का मतलब क्या है?

दूसरी तरफ, 50DEMA के 200DEMA के नीचे चले जाने पर Death Cross बनता है। यह बेयरिश सिग्नल है। इससे यह संकेत मिलता है कि मार्केट डाउनट्रेंड यानी गिरावट के ट्रेंड में है। यह बताता है कि शॉर्ट टर्म प्राइस मूमेंटम कमजोर पड़ रहा है, जिससे आगे गिरावट का दबाव बढ़ सकता है। अब हमें यह देखना होगा अभी मार्केट में जो माहौल है, उसमें डेथ क्रॉस की क्या स्थिति है।

क्या अभी मार्केट डेथ क्रॉस में है?

निफ्टी50 में शामिल 66 फीसदी स्टॉक्स अभी डेथ क्रॉस में हैं। इसका मतलब है कि अभी आपको सावधानी बरतनी है। अगर मार्केट की पूरी तस्वीर देखी जाए तो Nifty 100, Nifty 200, Nifty 500, Midcap150 और Smallcap 250 सूचकांकों के 75 फीसदी से ज्यादा स्टॉक्स भी डेथ क्रॉस में हैं। इसका मतलब यह है कि अभी बाजार बेयर्स के कंट्रोल में है। अब हम लोअर हाई और लोअर लो फॉर्मेशन पर आते हैं। यह Dow Theory भी यह संकेत देती है कि मार्केट बेयरशि फेज में हैं। इसका मतलब है कि मार्केट में जो तेजी दिख रही है वह पहले से जारी डाउनट्रेंड के बीच सिर्फ एक शॉर्ट टर्म बाउंस (उछाल) है।

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आपको क्यों बरतनी चाहिए सावधानी?

यह सही है कि निफ्टी 50 ने 22,000 से 23,400 तक शानदार उछाल दिखाया है। लेकिन, इसकी अगली परीक्षा आगे होने वाली है। इसके लिए 23,800-23,935 रेसिस्टेंस जोन है। इसका मतलब है कि 27 मार्च से 2 अप्रैल का पीरियड निफ्टी 50 के लिए काफी अहम है। इसलिए ट्रेडर्स को फिलहाल सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि पूरे मार्केट को देखने पर तस्वीर बेयरशि लगती है। अगले कुछ दिनों में यह तय हो जाएगा कि बुल्स मार्केट को अपने कंट्रोल में ले पाते है या फिलहाल मार्केट पर बेयर्स का कंट्रोल बना रहेगा।

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