भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि भारती एयरटेल आईटी इंडस्ट्री की तरह 'डिविडेंड और बायबैक' के रास्ते पर नहीं चलेगी। उन्होंने रणनीतिक अधिग्रहण की जगह डिविडेंड और बायबैक को प्राथमिकता देने के लिए आईटी इंडस्ट्री की आलोचना की है।
आईटी कंपनियों ने अधिग्रहण के मौके गंवाएं
मित्तल ने कहा कि कई आईटी कंपनियों ने पिछले दशक में अपने सेक्टर में अच्छे बिजनेसेज के अधिग्रहण के मौके गंवाएं। कंपनी की मार्च तिमाही के नतीजों के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में उन्होंने इनवेस्टर्स से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारती एयरटेल दुनियाभर में टेलीकॉम सेक्टर में अधिग्रहण के सही मौकों पर नजर बनाए रखेगी।
आईटी कंपनियों ने शेयरहोल्डर्स को 1.3 लाख करोड़ लौटाए
भारती एयरटेल के चेयरमैन का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब भारत में आईटी सेक्टर के नए प्रोडक्ट्स और एआई बिजनेसेज में निवेश करने की जगह काफी ज्यादा कैश रिटर्न करने को लेकर बहस चल रही है। देश की 16 सबसे बड़ी आईटी कंपनियों ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में डिविडेंड्स और बायबैक के जरिए शेयरहोल्डर्स को रिकॉर्ड 1.3 लाख करोड़ रुपये रिटर्न किए हैं।
आईटी कंपनियों का पेआउट रेशियो 100 फीसदी से ज्यादा
इन आईटी कंपनियों ने एक साल पहले डिविडेंड और बायबैक के जरिए शेयरहोल्डर्स को 95,400 करोड़ रुपये वापस किए थे। यह एक साल में 36.3 फीसदी इजाफा है। इन कंपनियों का पेआउट रेशियो 100 फीसदी से ज्यादा है। इसका मतलब है कि कंपनियों की तरफ से डिविडेंड और बायबैक पर खर्च किया गया कुल पैसा उस साल उनके नेट प्रॉफिट से ज्यादा रहा है।
आईटी कंपनियों ने अधिग्रहण किए होते तो आज स्थिति अलग होती
मित्तल ने कहा, "हम डिविडेंड देंगे और बायबैक करेंगे। लेकिन, हम ऐसा आईटी कंपनियों की तरह नहीं करेंगे, जिन्होंने सिर्फ डिविडेंड और बायबैक के अलावा कुछ नहीं किया। इससे खुद की परछाई बन कर रह गईं।" उन्होंने कहा कि आईटी कंपनियों को पिछले 10-15 सालों में अपनी खुद की इंडस्ट्री में अच्छे बिजनेसेज खरीदने चाहिए थे। उन्होंने ऐसा किया होता तो आज स्थिति दूसरी होती।
भारती एयरटेल का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा उछला
भारती एयरटेल के चेयरमैन ने कहा कि कई आईटी कपनियां बीते दशक में मार्केट में अपनी पोजीशन मजबूत करने में नाकाम रही। उन्होंने अपने ही सेक्टर में न्यू-एज बिजनेसेज में खुलकर निवेश नहीं किया। भारती एयरटेल का शेयर 14 मई को 5.24 फीसदी चढ़कर 1,883 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी के शेयरों पर उसके मार्च तिमाही नतीजों का असर दिखा। हालांकि, इस साल यह शेयर करीब 11 फीसदी गिरा है।