Patel Engineering Q4 Results: इंफ्रा कंपनी का 118% बढ़ा मुनाफा, फिर भी लाल निशान में बंद हुआ स्टॉक
Patel Engineering Q4 Results: इंफ्रा कंपनी पटेल इंजीनियरिंग का मार्च तिमाही मुनाफा 118% बढ़कर 71.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत ऑर्डर बुक, घटते कर्ज और नए प्रोजेक्ट्स के बावजूद शेयर लाल निशान में बंद हुआ। जानिए डिटेल।
Patel Engineering ने बताया कि FY26 में उसका डेट-इक्विटी रेशियो सुधरकर 0.27x हो गया।
Patel Engineering Q4 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Patel Engineering Limited ने मार्च तिमाही के नतीजे 14 मई को जारी किए। इसमें आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में कमजोरी दिखी। हालांकि, कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले दोगुने से ज्यादा बढ़ गया। Patel Engineering का नेट प्रॉफिट मार्च तिमाही में 71.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 32.8 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का मुनाफा करीब 118% बढ़ा है।
चौथी तिमाही में कंपनी की आय घटी
मार्च तिमाही में Patel Engineering का रेवेन्यू 11.8% घटकर 1,421.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी की आय 1,611.8 करोड़ रुपये थी।
कंपनी का EBITDA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी थोड़ा घटा है। मार्च तिमाही में EBITDA 215.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 218 करोड़ रुपये था।
हालांकि, अच्छी बात यह रही कि कंपनी का EBITDA मार्जिन बेहतर हुआ। यह बढ़कर 15.1% पहुंच गया, जो पिछले साल 13.5% था। इसका मतलब है कि कंपनी ने लागत पर बेहतर नियंत्रण रखा।
पूरे साल कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा?
FY26 में कंपनी की कुल आय 5,102.7 करोड़ रुपये रही। FY25 में यह 5,093.4 करोड़ रुपये थी। यानी पूरे साल के स्तर पर कंपनी की आय लगभग स्थिर रही।
वहीं पूरे साल का नेट प्रॉफिट 21.6% बढ़कर 294.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल यह 242.2 करोड़ रुपये था। FY26 में कंपनी का EBITDA 684 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.4% दर्ज किया गया।
ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है
पटेल इंजीनियरिंग ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक उसकी ऑर्डर बुक 15,119 करोड़ रुपये की रही। FY26 के दौरान कंपनी को करीब 4,400 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले।
इसके अलावा कंपनी को करीब 1,660 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए L1 बिडर भी घोषित किया गया है। कंपनी ने 144 मेगावॉट के Gongri Hydropower प्रोजेक्ट के लिए करीब 1,700 करोड़ रुपये का MoU भी साइन किया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े मौके दिख रहे
पटेल इंजीनियरिंग की मैनेजिंग डायरेक्टर कविता शिरवाइकर ने कहा कि पूरे साल कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट्स में लगातार प्रगति बनाए रखी।
उन्होंने कहा कि सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने से हाइड्रोपावर, टनलिंग, सिंचाई, ट्रांसपोर्टेशन और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में आगे भी बड़े मौके मिल सकते हैं।
कंपनी का कर्ज घटा
Patel Engineering ने बताया कि FY26 में उसका डेट-इक्विटी रेशियो सुधरकर 0.27x हो गया। FY25 में यह 0.43x था। यानी कंपनी ने अपने कर्ज का बोझ कम किया है। इसके अलावा कंपनी ने साल के दौरान करीब 185 करोड़ रुपये के नॉन-कोर एसेट्स भी बेचे हैं। कंपनी के CFO राहुल अग्रवाल ने ने कहा कि बढ़ते मुनाफे और बेहतर डेट-इक्विटी रेशियो से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।
नतीजों के बाद Patel Engineering का शेयर 2% से ज्यादा टूट गया। कारोबार खत्म होने तक शेयर 1.58% गिरकर 26.84 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में यह शेयर करीब 34% टूट चुका है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।