दिवाली सिर्फ दीपों और पटाखों का उत्सव नहीं है,ये उम्मीदों का भी त्योहार है। इस दिवाली शेयर बाजार के निवेशकों के मन में तेजी का दिया थोड़ी मुश्किल से टिमटिमा रहा है। पिछला एक साल मुश्किलों से भरा रहा। वेस्ट एशिया के शोले, क्रूड , FIIs की लगातार बेरुखी ने बाजार और पोर्टफोलियो दोनों का चैन छीना। हलांकि दिवाली से ठीक पहले बाजार में उम्मीद की लौ जगी है। LTCG टैक्स कट की सुगबुगाहट में बुल्स का सेलिब्रेशन चल रहा है।
