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Dixon Tech Shares: इस कारण टारगेट प्राइस में 23% की कटौती, 3% टूट गया शेयर

Dixon Tech Shares: डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। ब्रोकरेज फर्म ने इसे डाउनग्रेड कर दिया और टारगेट प्राइस में भी कटौती तो निवेशक धड़ाधड़ शेयर बेचने लगे तो इसके भाव टूट गए। जानिए ब्रोकरेज फर्म के इस बेयरेश रुझान की वजह और नया टारगेट प्राइस

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 19, 2026 पर 4:25 PM
Dixon Tech Shares: इस कारण टारगेट प्राइस में 23% की कटौती, 3% टूट गया शेयर
ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने Dixon Tech की रेटिंग को डाउनग्रेड कर आउटपरफॉर्म से होल्ड कर दिया है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस भी ₹15,800 से 23% घटाकर ₹12,100 कर दिया।

Dixon Tech Shares: घरेलू स्टॉक मार्केट में मचे हाहाकार के बीच डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर आज खास वजह से धड़ाम हो गए। शुरुआती कारोबार में जब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज ग्रीन थे तो उस समय भी डिक्सन टेक के शेयर रेड थे। इसके शेयरों में बिकवाली का यह दबाव वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए के बेयरेश रुझान ने बनाया जिसने न सिर्फ इसकी रेटिंग में कटौती की बल्कि टारगेट प्राइस भी 23% घटा दिया। इसके चलते शेयर इंट्रा-डे में 3.47% टूटकर ₹11130.00 पर आ गए। निचले स्तर पर खरीदारी के चलते शेयरों ने संभलने की कोशिश की लेकिन अब भी यह काफी दबाव में है। आज यह 2.54% की गिरावट के साथ ₹11236.85 पर बंद हुआ है।

Dixon Tech के शेयरों पर क्यों है CLSA बेयरेश?

ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने डिक्सन टेक्नोलॉजीज की रेटिंग को डाउनग्रेड कर आउटपरफॉर्म से होल्ड कर दिया है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस भी ₹15,800 से 23% घटाकर ₹12,100 कर दिया। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि हाई बैंडविड्थ मेमोरी और डीडीआर5 की एआई से जुड़ी मांग के चलते मेमोरी इंडस्ट्री अब सुपर साइकिल में एंट्री कर रही है तो दूसरी तरफ मेनस्ट्रीम स्टोरेज को सप्लाई में कमी और बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। चूंकि डिक्सन टेक की आयात पर भारी निर्भरता है तो वैश्विक स्तर पर सप्लाई की दिक्कतों का इस पर असर पड़ता है, खासतौर पर तब जब मैन्युफैक्चरर्स हाई मार्जिन वाले एआई-ग्रेड मेमोरी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

मेमोरी की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं और जनवरी में मासिक आधार पर DDR5 के कॉन्ट्रैक्ट रेट 119% और DDR4 कॉन्ट्रैक्ट 63% बढ़ गए जबकि NAND कॉट्रैक्ट प्राइस 37-67% उछल पड़े। सीएलएसए का मानना है कि स्मार्टफोन वॉल्यूम को झटका लग सकता है क्योंकि मेमोरी की अधिक लागत से औसतन बिक्री भाव 10-25% बढ़ सकता है। इससे लोअर एंड के कंज्यूमर सेगमेंट में बिक्री प्रभावित हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने मीडियम टर्म में ग्रोथ को लेकर चिंता जताई।

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