बाजार के भूचाल में Dixon Technologies भी 4% लुढ़का, ब्रोकरेज की Buy कॉल भी नहीं थाम पाई गिरावट

Dixon Technologies Share Price: HSBC का कहना है कि अमेरिका की ओर से चीन, वियतनाम और थाइलैंड पर भारत के मुकाबले लगाए गए ज्यादा टैरिफ से डिक्सन टेक्नोलोजिज को फायदा होगा। घरेलू मार्केट में ग्रोथ से मार्केट शेयर बढ़ सकता है। इंपोर्ट की जगह घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर जोर से कंपनी को फायदा हो सकता है। FY25Q4 में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है

अपडेटेड Apr 07, 2025 पर 4:55 PM
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डिक्सन टेक्नोलोजिज का शेयर पिछले एक साल में 65 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

Dixon Technologies Stock Price: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ और उस पर चीन के जवाबी एक्शन से ग्लोबल मार्केट्स में आए भूचाल के चलते भारती शेयर बाजारों में जबरदस्त गिरावट है। इस बीच इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर डिक्सन टेक्नोलोजिज (इंडिया) का शेयर भी 7 अप्रैल को 6 प्रतिशत तक टूट गया। ब्रोकरेज की ओर से 'बाय' कॉल के बावजूद शेयर में गिरावट आई और BSE पर दिन में यह 12326.60 रुपये के लो तक चला गया। कारोबार खत्म होने पर शेयर 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 12561.45 रुपये पर सेटल हुआ।

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने Dixon Technologies के शेयर के लिए खरीदारी का नजरिया दिया है। ब्रोकरेज ने 20000 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। यह शेयर के 7 अप्रैल को बंद भाव से 59 प्रतिशत ज्यादा है। HSBC का कहना है कि अमेरिका की ओर से चीन, वियतनाम और थाइलैंड पर भारत के मुकाबले लगाए गए ज्यादा टैरिफ से डिक्सन टेक्नोलोजिज को फायदा होगा। घरेलू मार्केट में ग्रोथ से मार्केट शेयर बढ़ सकता है। इंपोर्ट की जगह घरेलू मैन्युफैक्चरिंग पर जोर से कंपनी को फायदा हो सकता है। FY25Q4 में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिक्सन टेक्नोलोजिज के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सौरभ गुप्ता का भी मानना ​​है कि भारत ग्लोबल सप्लाई चेन के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के लिए बेहतर स्थिति में है।  कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में अमेरिका को निर्यात से लगभग ₹1,600-1,700 करोड़ का रेवेन्यू कमाया। यह इसके कुल रेवेन्यू का लगभग 5% है।


एक साल में 65 प्रतिशत की देखी तेजी

डिक्सन टेक्नोलोजिज का शेयर पिछले एक साल में 64 प्रतिशत मजबूत हुआ है। वहीं पिछले 3 महीनों में यह 32 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में दिसंबर 2024 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 32.42 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप गिरकर 75600 करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 19,149.80 रुपये है, जो 17 दिसंबर 2024 को देखा गया था। 52 सप्ताह  का निचला स्तर 7,100.05 रुपये 15 अप्रैल 2024 को दर्ज किया गया।

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