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FMCG सेक्टर की मुश्किल और बढ़ा सकता है El Nio,ग्रामीण बाजार की रिकवरी को लग सकता है झटका

FMCG कंपनियों की बिकवाली में लगातार गिरावट से पता चलता है कि भारत की ग्रामीण इकोनॉमी पहले से ही महंगाई के दबाव में है। डेटा एनालिटिक्स फर्म NielsenIQ के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में FMCG इंडस्ट्री की ग्रोथ वैल्यू के हिसाब से 7.6 फीसदी रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 20, 2023 पर 6:37 PM
FMCG सेक्टर की मुश्किल और बढ़ा सकता है El Nio,ग्रामीण बाजार की रिकवरी को लग सकता है झटका
वित्त वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में कम बारिश हुई थी। जिसके चलते धान की बुवाई कम हुई थी। ऐसे में El Nino कंडीशन पर हम सबकी नजरें बनी रहेंगी

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) का मानना है कि हर 3 से 6 साल में अपना रंग दिखाने वाला अल-नीनो (El Niño) रूरल FMCG की रिकवरी को पटरी से उतार सकता है। बता दें कि El Nino एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें समुद्री जलीय सतह असामान्य रूप से गर्म हो जाती है। जिसके चलते हवा के चलने के पैटर्न में बदलाव आ जाता है। इस बदलाव के चलते पूरी दुनिया के मौसम पर असर पड़ता है। अमेरिकी सरकार के नेशनल ओसेनिक एंड ऐटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन (National Oceanic and Atmospheric Administration) ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस साल El Nino बनने की संभावना दिख रही है।

आखिरी बार साल 2018 में दिखा था El Nino का असर 

भारत में आखिरी बार साल 2018 में El Nino का असर देखने को मिला था। नुवामा का कहना है कि इस असर के चलते ही साल 2018 में मानसून सामान्य से कमजोर रहा था। नुवामा ने अपने रिपोर्ट में आगे कहा है कि तब से अगले लगातार 4 सालों तक भारत में मानसून अच्छा रहा है। ऐसे में 5वें साल भी मानसून का सामान्य रहना थोड़ा मुश्किल लग रहा है।

FMCG कंपनियों की बिकवाली में लगातार गिरावट

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