चीनी कंपनियों के लिए एथेनॉल की कीमतें सरकार ने बढ़ा दी है। हालांकि B हैवी मोलासेस और केन जूस से बने एथेनॉल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। कैबिनेट ने क्रिटिकल मिनरल मिशन को भी मंजूरी दी है। सीएनबीसी-आवाज के ब्यूरो चीफ लक्ष्मण रॉय ने इस खबर पर जानकारी देते हुए कहा कि एथेनॉल की कीमतें 2024-25 के लिए बढ़ाई गई है। C हैवी मोलासेस की कीमतों में 1.69 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। जबकि B और केन जून वाले एथेनॉल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
लक्ष्मण रॉय ने इस खबर पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि चीनी के उत्पादन में किसी भी तरह की गिरावट ना आए इसलिए उन्होंने B हैवी मोलासेस और केन जून वाले एथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। केन जूस के दाम 65.61 रुपए प्रति लीटर पर ही बरकरार रहेंगे। वहीं B हैवी मोलासेस के दाम 60.73 रुपये प्रति लीटर रहेगा। जबकि C हैवी मोलासेस की कीमत 56.28 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 57.97 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
क्रिटिकल मिनरल मिशन को मंजूरी
वहीं दूसरा महत्तपूर्ण फैसला लिया गया है जो कि इलेक्ट्रोनिकल व्हीकल में लगने वाला बैटरी में जो केमिकल का इस्तेमाल होता, फर्टिलाइजर में जो केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है ऐसे 24 क्रिटिकल मिनरल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने क्रिटिकल मिनरल मिशन को मंजूरी दी है। क्रिटिकल मिनरल मिशन पर कुल 16,300 करोड़ रुपये का खर्च होगा। इस मिशन को अगले 6 सालों तक चलाया जाएगा।
बता दें कि सरकार ने 2025-26 तक पेट्रोल (Petrol) में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह कदम देश में एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और पेट्रोल के साथ एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है। फिलहाल, देश में पेट्रोल के साथ एथेनॉल ब्लेंडिंग का स्तर 15.83 फीसदी तक पहुंच चुका है।
इस बीच चीनी से जुड़ी एक और अहम खबर आई है। दरअसल सरकार ने चीनी का कोटा जारी किया है। सरकार ने फरवरी के लिए चीनी कोटा जारी किया है। जिसके तहत 22.5 लाख मीट्रिक टन को मंजूरी मिली है। बता दें कि हाल ही में 10 लाख टन चीनी के एक्सपोर्ट को मंजूरी मिली है।