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EV बैटरी इंडस्ट्री में निवेश से होगी मोटी कमाई, 2030 तक 50 GWh बैटरी प्रोडक्शन का टारगेट

2047 तक इंडिया में करीब 1,100 GWh बैटरीज की जरूरत होगी। इससे पता चलता है कि बैटरी टेक्नोलॉजी के इनोवेशन और वैल्यू चेन डेवलपमेंट में भारी निवेश की संभावना है। सरकार ने 2030 तक देश में 50 GWh बैटरी प्रोडक्शन का टारगेट रखा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 09, 2024 पर 2:12 PM
EV बैटरी इंडस्ट्री में निवेश से होगी मोटी कमाई, 2030 तक 50 GWh बैटरी प्रोडक्शन का टारगेट
ईवी की बैटरी की कीमत काफी ज्यादा है। लेकिन, टेक्नोलॉजी में लगातार इम्प्रूवमेंट की वजह से ईवी की बैटरी की कॉस्ट घट रही है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। टू-व्हीलर और 4-व्हीलर कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) पर फोकस बढ़ा दिया है। ऑटो कंपनियां अपने ट्रेडिशनल व्हीकल्स के साथ ईवी के नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं। हालांकि, अभी व्हीकल्स की कुल सेल्स में ईवी की हिस्सेदारी कम है। लेकिन, यह फर्क धीर-धीरे घट रहा है। पिछले वित्त वर्ष में कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 6.8 फीसदी थी। 2030 तक इसके बढ़कर 30 फीसदी तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

घट रही है बैटरी की कॉस्ट

ट्रेडिशनल व्हीकल्स यानी इनटर्नल कंबशन इंजन (ICE) व्हीकल्स और ईवी (Electric Vehicles) के बीच सबसे बड़ा फर्क बैटरी के मामले में है। ईवी के लिए बैटरी सबसे अहम है। ईवी की बैटरी की कीमत काफी ज्यादा है। लेकिन, टेक्नोलॉजी में लगातार इम्प्रूवमेंट की वजह से ईवी की बैटरी की कॉस्ट घट रही है। सरकार भी ईवी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। ईवी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कई उपाय किए जा रहे हैं।

2047 तक 1,100 GWh बैटरी की जरूरत

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