पतंजलि आयुर्वेद के फाउंडर और योगा गुरु बाबा रामदेव ने Ruchi Soya के फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) के बाद मनीकंट्रोल से एक लंबी बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि पतंजलि आयुर्वेद के पास कारोबार विस्तार की एक बड़ी योजना है। कंपनी देश की सबसे बड़ी फूड और एफएमसीजी कंपनी बनकर उबरने के लिए काम कर रही है। इसके लिए कंपनी के फूड कारोबार को रूचि सोया में मर्ज किया जाएगा।
पतंजलि ग्रुप के संस्थापक और इसके मुख्य चेहरे बाबा रामदेव ने इस बातचीत में आगे कहा कि पतंजलि आयुर्वेद और रूचि सोया के फूड कारोबार के मर्जर से हम एफएमसीजी सेगमेंट के दिग्गज बनकर उभरेंगे और देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनियों को भी पीछे छोड़ेंगे। मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में उन्होंने दावा किया कि देश में कारोबार कर रही HUL, ITC, Dabur, Colgate-Palmolive जैसी कंपनियों ने पतंजलि आयुर्वेद की नकल करने की कोशिश की है लेकिन उनको इसमें बहुत बड़ी सफलता हासिल नहीं हुई है।
पतंजलि की कामयाबी के कारण FMCG कंपनियों पर बढ़ा प्रेशर
पतंजलि आयुर्वेद ने नैचुरल प्रोडक्ट्स के मोर्चे पर जो सफलता हासिल की है उसकी नकल करना इन कंपनियों के लिए संभव नहीं रहा है। इस बातचीत में बाबा रामदेव ने रूचि सोया और पतंजलि आयुर्वेद की आगे की रणनीति पर लंबी बातचीत की। यहां हम आपको उसी का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं।
रूचि सोया की आगे की करोबारी रणनीति पर बात करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि हमारा पहला फोकस परंपरागत खाद्य तेल पर रहेगा। इसमें हम नैचुरल वर्जिंन ऑयल को लॉन्च करने की तैयारी में है जो कि प्रीमियम सेगमेंट में होगा। इसके अलावा पतंजलि आयुर्वेद के खाद्य तेल और गाय के घी प्रोडक्ट को रूचि सोया के साथ मर्ज कर दिया जाएगा। रूचि सोया को देश की टॉप एफएमसीजी कंपनी बनाने के लिए हम पतंजलि के पूरे फूड पोर्टफोलियो को रूचि सोया में ट्रांसफर कर देंगे। उन्होने आगे कहा कि पाम ऑयल के एक्सपोर्ट पर निर्भरता घटाने के लिए पाम प्लांटेस पर हमारा फोकस बना रहेगा।
जानिए किस सेगमेंट में कंपनी करेगी विस्तार
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि दंतक्रांति ब्रॉन्ड के तहत हमारे पास एक बड़ा डेंटलकेयर पोर्टफोलियो है। इसी तरह केशकांति हेयर केयर का एक बड़ा पोर्टफोलियो है। इन दोनों सेगमेंटों में हमारी बड़ी बाजार हिस्सेदारी है। इसके अलावा स्किन केयर और होम केयर में भी हमारा मजबूत पोर्टफोलियो है।
एलोवेरा जेल की बात करें तो इसको हमने ही बनाया है और इसमें हमारी 70-80 फीसदी हिस्सेदारी है। हमारी नकल करते हुए HUL और Emami जैसे कंपनियां इस सेगमेंट में उतरीं लेकिन बाजार ने उनको स्वीकार नहीं किया। अब हमारी योजना इन सेगमेंट में और विस्तार करने की है।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि हमारे देश में अधिकांश लोगों का सोचना है कि साधु-संतों का काम सिर्फ तपस्या और मानव कल्याण करना है। वहीं कॉर्पोरेट्स को व्यवसाय पर फोकस करना चाहिए लेकिन जब आप किसी भी क्षेत्र मे रहकर देश की सेवा करते हैं तो लोग आप पर विश्वास करते हैं। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि पतंजलि के लिए हमारे पास बड़ी योजनाएं है लेकिन अब सबसे पहले हमारा फोकस रूचि सोया पर होगा। उसके बाद हम अगली योजनाओं पर काम करेंगे।
जानिए कौन सी कंपनियां कर रही हैं पतंजलि की नकल
जब मनीकंट्रोल ने बाबा रामदेव से यह सवाल किया कि तमाम कंपनियां नेचुरल प्रोडक्ट्स लॉन्च कर रही हैं ऐसे में आप अपने को कहां पाते हैं तब उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि ये कंपनियां कॉपी कैट हैं और हमें कॉपी कर रही हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि जब भी किसी के दिमाग में यह बात आती है कि आयुर्वेदिक सेगमेंट में लीडिंग कंपनी कौन है तो उसके दिमाग मे पहला नाम पतंजलि आयुर्वेद का ही आता है। कोई भी हमारे ब्रैंड इक्विटी की नकल नहीं कर सकता है। किसी में हमसे हमारी बाजार हिस्सेदारी छिनने की क्षमता नहीं है यह हमारा घमंड नहीं है बल्कि सच्चाई है।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि HUL जैसे बड़े ब्रांड ने अपने आयुष ब्रांड पर हजारों करोड़ों रुपये खर्च किए हैं लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं आया। इसी तरह कोलगेट ने वेदशक्ति लॉन्च किया। उन्होंने अपने प्रोडक्ट में जिन इंग्रीडिएंट्स को मिलाने की बात कही वे दांतों के स्वास्थ्य के लिए किसी मतलब के नहीं है। उनको नैचुरल प्रोडक्ट के फॉर्मेशन के बारे में कुछ पता ही नहीं है ऐसे में लोग उनके बारे में विश्वास भी नहीं करते हैं।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि बाजार में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। ऐसा होने पर ही कंज्यूमर को हमारी वैल्यू के बारे में पता चलेगा। किसी भी ब्रांड की मजबूती लोगों के उस पर विश्वास पर निर्भर करती है । बड़ी -बड़ी एफएमसीजी कंपनियां अपनी ब्रांड पहचान बनाने के लिए ब्रांड एम्बेस्डर पर 5-10 करोड़ रुपये खर्च कर सकती हैं। अच्छी विज्ञापन फिल्में बना सकती हैं लेकिन वे बाजार में वो विश्वास हासिल नहीं कर सकती हैं जो बाबा रामदेव के लिए लोगों में है । हमने देश की सेवा में 30 साल खर्च किए हैं। यह हमारा घमंड, धृष्टता या अज्ञान नहीं है बल्कि सच्चाई है।