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Experts views : बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना,उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम

Stok Market : निकट भविष्य में कंसोलीडेशन जारी रह सकता है। निवेशक आगे का अंदाजा लगाने के लिए आज आने वाले अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों पर बारीकी से नज़र रखेंगे। कच्चे तेल की कीमत में इस सप्ताह के दौरान तेजी जारी रही और आगे इसमें होने वाली कोई बढ़त अर्थव्यवस्था के लिए कुछ चुनौती पेश कर सकती है। आने वाला महंगाई का आंकड़ा एक अहम मैक्रो डेटा होगा जिस पर नजर रखनी होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 10, 2025 पर 5:19 PM
Experts views : बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना,उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम
Share Market : टीसीएस के नतीजों के बाद आईटी शेयरों में तेजी के कारण इंट्राडे के निचले स्तरों से थोड़ी रिकवरी के बावजूद, सेक्टर-वाइड कमजोरी के कारण बाजार गिरावट लेकर बंद हुआ

Equity Market : 10 जनवरी को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए और निफ्टी 23,450 से नीचे चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 241.30 अंक या 0.31 फीसदी नीचे 77,378.91 पर और निफ्टी 95 अंक या 0.40 फीसदी नीचे 23,431.50 पर बंद हुआ। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों,सप्लाई से जुड़ी चिंताओं और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सुस्ती रही। तीसरी तिमाही के शुरुआती नतीजों के अच्छे रहने और आईटी सेक्टर की मजबूती के बावजूद, ट्रम्प की नीतियों और महंगे वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताओ के कारण ब्रॉडर इंडेक्सों में गिरावट आई। ऐसे में निकट भविष्य में कंसोलीडेशन जारी रह सकता है। निवेशक आगे का अंदाजा लगाने के लिए आज आने वाले अमेरिका के गैर-कृषि पेरोल आंकड़ों पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। गिरावट का सिलसिला जारी रहा और बाजार करीब आधा फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। टीसीएस के नतीजों के बाद आईटी शेयरों में तेजी के कारण इंट्राडे के निचले स्तरों से थोड़ी रिकवरी के बावजूद, सेक्टर-वाइड कमजोरी के कारण बाजार गिरावट लेकर बंद हुआ। आईटी को छोड़कर,दूसरे सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव रहा। फार्मा, बैंकिंग और रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। ब्रॉडर इंडेक्सों में और भी ज्यादा गिरावट आई। मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स 2-2.5 फीसदी तक गिर गए।

बाजार में तनाव बना हुआ है,यहां तक ​​कि मामूली गिरावट भी बिकवाली का दबाव पैदा कर रही है। खास तौर पर बैंकिंग इंडेक्स में ट्रेंड रिवर्सल के किसी भी स्पष्ट संकेत के अभाव में ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे रिबाउंड को शॉर्टिंग के अवसर के रूप में इस्तेमाल करें। रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस करते हुए सावधानी को प्राथमिकता दें। इसके अलावा,जैसे-जैसे नतीजों का सिलसिला आगे बढ़ेगा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना है। मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए हेज्ड रणनीति अपनाना और अनुशासित तरीके से पोजीशन साइजिंग बनाए रखना जरूरी है।

मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि आ बाजार में गिरावट जारी रही क्योंकि डॉलर में मजबूती के कारण रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे निवेशकों का सेंटीमेंट और भी खराब हो गया। आर्थिक विकास में सुस्ती और तिमाही अर्निंग्स में मंदी की आशंकाओं के बीच निवेशकों ने बैंकिंग और मिड एवं स्मॉल कैप शेयरों में पोजीशन हल्की की। भारतीय बाजारों के महंगे वैल्यूशन को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ऐसे आगे हमें निवेशक स्टॉक स्पेसिफिक ऐक्शन लेते नजर आएंगे।

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