F&O Manual : 7 अगस्त को, भारतीय इक्विटी बाजार अपने दिन के हाई से थोड़ा नीचे आया है, लेकिन दोपहर के कारोबार के दौरान इसमें बढ़त कायम है। कमजोर ग्लोबल संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार आज बढ़त के साथ खुले। फार्मा शेयरों में हुई खरीदारी ने एफएमसीजी की तरफ हुई बिकवाली को संतुलित कर दिया। जिसके चलते बेंचमार्क इंडेक्स हरे निशान में बने रहने में कामयाब रहे हैं। 1:45 बजे के आसपास निफ्टी 88.50 अंक यानी 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ 19605.50 के आसपास दिख रहा था। वहीं, बैंक निफ्टी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 44938.80 के स्तर पर दिख रहा था। जबकि सेंसेक्स 281.18 अंक यानी 0.43 फीसदी की बढ़त के साथ 66,002.43 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
क्या कहते हैं ऑप्शन आंकड़े
ऑप्शन आंकड़ों से पता चलता है कि 19600 के स्तर के आसपास कॉल और पुट राइटर्स के बीच जोरदार खींचतान देखने को मिल रही है। निफ्टी के लिए 19500 को आसपास पहला सपोर्ट दिख रहा है। उसके बाद 19400 को के स्तर पर अगला सपोर्ट है। वहीं, ऊपर की तरफ 19700, 19800 और 20000 पर रजिस्टेंस है।
करेक्शन में क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की राय
बाजार जानकारों को लगता है कि निफ्टी में 19900-19200 की बड़ी रेंज में चल रहा कंसोलीडेशन लम्बा खिंच सकता है। ऐसे में चालू नतीजों के मौसम स्टॉक विशेष एक्शन देखने को मिल सकता है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि एक सेक्युलर बुल मार्केट में दूसरी बार आया करेक्शन बाजार के लिए अच्छा है। इससे बाजार ओवरबॉट जोन से बाहर निकलकर नई तेजी के लिए तैयार होगा। इस तरह के हेल्दी करेक्शन में क्वालिटी शेयरों में खरीदारी करना सबसे बेहतर रणनीति होगी।
एंजेल वन के समीत चव्हाण की राय
पिछले हफ्ते निफ्टी ग्लोबल बाजार में आई बिकवाली का शिकार हो गया था। एंजेल वन लिमिटेड के समीत चव्हाण का मानना है कि अगर आगे ग्लोबल मार्केट में फिर कोई गड़बड़ होती है तो निफ्टी नीचे की तरफ 19400 - 19300 की ओर फिसल सकता है। आगे इसमें 19,000 – 18,800 का निचला स्तर भी मुमकिन है। वहीं, अगर ग्लोबल संकेत पॉजिटिव हो जाते हैं और निफ्टी 19600 को ऊपर टिकने में कामयाब रहता है तो फिर इसमें और तेजी आ सकती है।
REC, PFC, Idea और Divislab में लॉन्ग बिल्डअप
अलग-अलग स्टॉक्स पर नजर डालें तो REC Ltd, PFC, Idea और Divislab में लॉन्ग बिल्डअप देखने को मिला है। लॉन्ग बिल्ड-अप एक तेजी का संकेत है जो तब होता है जब ओपन इंटरेस्ट और वॉल्यूम शेयर की कीमत में वृद्धि के साथ बढ़ता है। वोडाफोन आइडिया, एचपीसीएल और ग्लेनमार्क में भी लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
Britannia, ABFRL और Dixon में शॉर्ट बिल्ड अप
दूसरी तरफ, Britannia, ABFRL और Dixon में शॉर्ट बिल्ड अप देखने को मिला है। शॉर्ट बिल्ड-अप एक मंदी का संकेत है जो उच्च ओपन इंटरेस्ट और वॉल्यूम के साथ स्टॉक की कीमत गिरने पर होता है।
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