Get App

इंडियन मार्केट में विदेशी निवेशकों का कितना है निवेश, क्या गिरावट की वजह FIIs की बिकवाली है?

एफआईआई ने दो महीने से कम समय में करीब 14 अरब डॉलर की बिकवाली की है। शायद ही पहले कभी उन्होंने इतने कम समय में इंडियन मार्केट में इतनी बिकवाली की है। इसका सीधा असर मार्केट के सेंटिमेंट पर पड़ा। सितंबर तिमाही के खराब नतीजों ने माहौल और खराब कर दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 27, 2024 पर 11:52 AM
इंडियन मार्केट में विदेशी निवेशकों का कितना है निवेश, क्या गिरावट की वजह FIIs की बिकवाली है?
गिरावट से पहले मार्केट और स्टॉक्स की वैल्यूएशन ज्यादा थी। प्राइस टू अर्निंग मल्टीपल, प्राइस टू बुक मल्टीपल और मार्केट कैपिटलाइजेशन और जीडीपी के रेशियो सहित करीब हर मानक पर इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशन ज्यादा थी।

महाराष्ट्र चुनावों के नतीजों से पहले स्टॉक मार्केट में आई गिरावट की कई वजहें थीं। इनमें एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली थी। एफआईआई ने दो महीने से कम समय में करीब 14 अरब डॉलर की बिकवाली की है। शायद ही पहले कभी उन्होंने इतने कम समय में इतनी बिकवाली की है। उसके बाद सितंबर तिमाही में कंपनियों की खराब अर्निंग्स ग्रोथ ने मार्केट का सेंटिमेंट खराब कर दिया। रुपये के मुकाबले डॉलर में मजबूती का असर भी स्टॉक मार्केट पर पड़ा।

इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशन काफी बढ़ गई थी

इस गिरावट से पहले मार्केट (Indian Markets) और स्टॉक्स की वैल्यूएशन ज्यादा थी। प्राइस टू अर्निंग मल्टीपल, प्राइस टू बुक मल्टीपल और मार्केट कैपिटलाइजेशन और जीडीपी के रेशियो सहित करीब हर मानक पर इंडियन मार्केट्स की वैल्यूएशन ज्यादा थी। जब वैल्यूएशन ज्यादा होती है तो मार्केट में गिरावट की संभावना बढ़ जाती है। तब कोई छोटी सी वजह मार्केट में बड़ी गिरावट का सबब बन जाती है। इस बार यह काम FIIs की बिकवाली ने किया। अगर ज्यादा वैल्यूएशन वाले मार्केट में करेक्शन आता है तो उसे अच्छा माना जाता है।

इंडिया में काम करने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा

सब समाचार

+ और भी पढ़ें