FIIs ने शुक्रवार को जोरदार बिकवाली करते हुए 4227 करोड़ के शेयर बेचे, DIIs से मिला बाजार को सहारा, खरीदी 821 करोड़ की इक्विटी

शुक्रवार 3 जनवरी घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 821 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। जबकि दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 4,227 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ट्रेडिंग सत्र के दौरान FII ने 15,040 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची और 10,813 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं दूसरी तरफ DII ने 10,813 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 13,512 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

अपडेटेड Jan 04, 2025 पर 12:13 PM
निफ्टी में विप्रो, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स प्रमुख लूजर्स शेयर रहे। जबकि ओएनजीसी, टाटा मोटर्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, टाइटन कंपनी और एचयूएल गेनर्स में शामिल रहे

कल शुक्रवार 3 जनवरी को कारोबारी हफ्ते आखिरी दिन बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। एनएसई के प्रोविजनल डेटा के अनुसार 3 जनवरी को घरेलू संस्थागत निवेशकों (Domestic institutional investors (DIIs) ने 821 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। जबकि दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों (foreign institutional investors (FIIs) ने 4,227 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। ट्रेडिंग सत्र के दौरान, DII ने 10,813 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 13,512 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं दूसरी तरफ FII ने 15,040 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची और 10,813 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 720.60 अंक या 0.90 प्रतिशत नीचे 79,223.11 पर बंद हुआ। निफ्टी 183.90 अंक या 0.76 प्रतिशत नीचे 24,004.75 पर बंद हुआ।

निफ्टी में गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में विप्रो, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स के शेयर शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में ओएनजीसी, टाटा मोटर्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, टाइटन कंपनी और एचयूएल के शेयर शामिल रहे।


एचडीएफसी बैंक खरीदेगा AU Small Finance Bank में 9.5% हिस्सेदारी, RBI से मिली मंजूरी

बाजार पर असर डालने वाले फैक्टर्स

Emkay Wealth Management के जोसेफ थॉमस के अनुसार बाजार पूरे हफ्ते वोलैटाइल रहा। बाजार में कई फैक्टर्स काम कर रहे हैं। "आधिकारिक ब्याज दरों की ट्रैजेक्टरी, ट्रम्प के दूसरी बार शासन में स्थापित होना, विश्व में कुछ इलाकों में जारी क्षेत्रीय संघर्षों की संभावित दिशा के बारे में अनिश्चितता आदि बाजार सहभागियों के लिए परिणामी कारक रहे हैं। घरेलू इक्विटी बाजार आर्थिक ग्रोथ में कमी, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती, इंटरबैंक बाजार में लिक्विडिटी की कमी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में तेजी से गिरावट आने के चलते नीचे आ गया है।'' उन्होंने कहा कि ये फैक्टर्स आने वाले हफ्तों में भी बाजार की दिशा को प्रभावित करते रहेंगे।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।