FMCG कंपनियों के ग्रॉस मार्जिन में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान गिरावट आने की आशंका है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हाई इनफ्लेशन, हायर इनपुट कॉस्ट और प्राइसिंग संबंधी उपायों के चलते इन कंपनियों की बिक्री पर असर पड़ेगा। इसके अलावा इन कंपनियों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी काफी कम या स्थिर रह सकता है। कई एफएमसीजी कंपनियों के रेवेन्यू में कम सिंगल डिजिट बढ़त की उम्मीद है। इसका एक कारण यह हो सकता है कि कई कंपनियों ने दिसंबर तिमाही में कोपरा, वनस्पति तेल और पाम ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स की बढ़ती लागत के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का विकल्प चुना है।
