F&O Alert: शेयर बाजार में आज से बदल जाएगा गेम, F&O सेगमेंट का हिस्सा बने ये 4 दिग्गज स्टॉक

F&O Trading: शेयर बाजार में आज 31 दिसंबर से डेरिवेटिव्स सेगमेंट में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इसके तहत 4 नए शेयरों को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में शामिल किया है। इनमें स्विगी लिमिटेड, प्रीमियर एनर्जीज, वारी एनर्जीज और बजाज होल्डिंग्स के स्टॉक शामिल हैं। इन चारों को आज से शुरू होने वाले जनवरी सीरीज और आगे के दूसरे सभी F&O कॉन्ट्रैक्ट्स में शामिल किया गया है

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 9:06 AM
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F&O Alert: HFCL, NCC, टीटागढ़ रेल और साएंट के शेयर को F&O सेगमेंट से बाहर किया गया है

F&O Trading: शेयर बाजार में आज 31 दिसंबर से डेरिवेटिव्स सेगमेंट में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इसके तहत 4 नए शेयरों को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में शामिल किया है। इनमें स्विगी लिमिटेड, प्रीमियर एनर्जीज, वारी एनर्जीज और बजाज होल्डिंग्स के स्टॉक शामिल हैं। इन चारों को आज से शुरू होने वाले जनवरी सीरीज और आगे के दूसरे सभी F&O कॉन्ट्रैक्ट्स में शामिल किया गया है। इससे इन शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम और वोलैटिलिटी बढ़ने की संभावना है।

दूसरी ओर 4 शेयरों को इनकी जगह F&O सेगमेंट से बाहर भी किया गया है। इनमें HFCL, NCC, टीटागढ़ रेल और साएंट शामिल हैं। 31 दिसंबर से ये चारों शेयर केवल कैश मार्केट में ही ट्रेड करेंगे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने कुछ समय पहले इसके बारे में आधिकारिक ऐलान किया था।

बता दें कि एक्सचेंजों की ओर से समय-समय पर F&O स्टॉक्स की समीक्षा की जाती है। स्टॉक्स की लिक्विडिटी, मार्केट कैप और ट्रेडिंग गतिविधि जैसे मानकों के आधार पर यह बदलाव किए जाते हैं।


इंडेक्सों के लॉट साइज में भी बदलाव

डेरिवेटिव्स में शामिल होने के साथ ही इंडेक्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लॉट साइज में भी संशोधन लागू किया गया है। आज से निफ्टी का लॉट साइज पहले के 75 से घटाकर 65 कर दिया गया है, जबकि बैंक निफ्टी का लॉट साइज 35 से घटकर 30 हो गया है। इन बदलावों का मकसद कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू को संतुलित रखना और रिटेल ट्रेडर्स के लिए डेरिवेटिव्स को अधिक सुलभ बनाना बताया गया है।

शेयरों का हाल

परफॉर्मेंस की बात करें तो नए F&O स्टॉक्स में शामिल Swiggy और Premier Energies, 2025 में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स के कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहे हैं। Swiggy का शेयर अपने पोस्ट-लिस्टिंग हाई ₹617 से करीब 35 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है, वहीं Premier Energies के शेयरों में भी साल के दौरान लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली है और ये अपने पोस्ट-लिस्टिंग हाई से करीब 40 फीसदी टूट चुके हैं।

Waaree Energies के शेयरों में भी हाल के महीनों में करेक्शन आया है और यह अपने पोस्ट-लिस्टिंग हाई ₹3,865 से करीब 23 फीसदी नीचे है। वहीं Bajaj Holdings, जो इस सूची में चौथा नया नाम है, 2025 में अब तक करीब 7 फीसदी फिसला है और अपने हालिया 52-वीक हाई ₹14,500 से अधिक से 25 फीसदी से ज्यादा नीचे ट्रेड कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, F&O में शामिल होने से इन शेयरों में शॉर्ट-टर्म में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग से हेजिंग और आर्बिट्राज के मौके बढ़ते हैं, लेकिन इसके साथ जोखिम भी बढ़ता है। इसलिए निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह दी जा रही है कि वे पोजिशन साइज, मार्जिन जरूरत और रिस्क मैनेजमेंट पर खास ध्यान दें।

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