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FPI Selling: विदेशी निवेशकों ने बनाया बिकवाली का इतिहास, मार्च में बेच दिए ₹1 लाख करोड़ के शेयर

FPI Selling: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने चिंता बढ़ा दी है। मार्च महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) करीब 11 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) के भारतीय शेयर बेच चुके हैं। यह किसी एक महीने में उनकी ओर से की गई अब तक की सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Mar 27, 2026 पर 7:26 PM
FPI Selling: विदेशी निवेशकों ने बनाया बिकवाली का इतिहास, मार्च में बेच दिए ₹1 लाख करोड़ के शेयर
FPI Selling: मार्च में अब तक निफ्टी डॉलर टर्म्स में करीब 17% तक गिर चुका है

FPI Selling: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने चिंता बढ़ा दी है। मार्च महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) करीब 11 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) के भारतीय शेयर बेच चुके हैं। यह किसी एक महीने में उनकी ओर से की गई अब तक की सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है। यह बिकवाली ऐसे समय में हुई है जब निफ्टी-50 का वैल्यूएशन प्रीमियम भी घटकर ग्लोबल बाजारों के करीब आ गया है। लेकिन इसके बावजूद विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर बना हुआ है।

रिकॉर्ड स्तर पर बिकवाली

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में अब तक का सबसे बड़ा FPI निकासी देखने को मिली है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में इन विदेशी निवेशकों ने करीब 10.9 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। इसके अलावा जनवरी 2025 और कोराना काल के दौरान मार्च 2020 में भी उन्होंने लगभग 8.4 अरब डॉलर के आसपास निकासी की थी। लेकिन इस बार का आंकड़ा उन सभी से ज्यादा है।

क्यों जा रहे हैं विदेशी निवेशक?

विदेशी निवेशकों की इस निकासी के पीछे एक्सपर्ट्स कई बड़े कारण बता रहे हैं। सबसे बड़ा कारण है अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड मार्च की शुरुआत से 50 बेसिस प्वाइंट बढ़कर करीब 4.4% तक पहुंच गई है, जिससे रिस्क-फ्री निवेश ज्यादा आकर्षक हो गए हैं।

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