Fractal IPO Listing Gain: सिटीबैंक, फ्रेंकलिन टेंपलटन, नेस्ले और फिलिप्स जैसे दिग्गज क्लाइंट्स को सर्विसेज देने वाली फ्रैक्टल एनालिटिक्स के ₹2,840 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला। एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया। अब इसके शेयरों की कल यानी 16 फरवरी को एंट्री होने वाली है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से झटका देने वाले संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) जीरो से भी नीचे आ चुका है। वैसे आईपीओ खुलने के पहले अपर प्राइस बैंड से यह ₹57 यानी 6.33% के GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) तक गया था लेकिन अब यह ₹(-)11 पर है यानी कि (-)1.22% का घाटा लिस्टिंग पर हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।
Fractal IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
फ्रैक्टल का ₹2,840 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 फरवरी तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर₹857-₹900 था लेकिन एंप्लॉयीज के लिए हर शेयर पर ₹85 का डिस्काउंट था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा नहीं भर पाया। ओवरऑल यह इश्यू 2.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 4.41 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.10 गुना भरा तो एंप्लॉयीज का हिसा सिर्फ 0.65 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया।
इस आईपीओ के तहत ₹1,030 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 2,01,15,554 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिकेंगे। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹264.90 करोड़ एक सब्सिडरी फ्रैक्टल यूएसए का कर्ज हल्का करने, ₹57.10 करोड़ लैपटॉप की खरीदारी, ₹121.10 करोड़ भारत में नए ऑफिस के सेटअप, ₹355.10 फ्रैक्टल अल्फा के तहत आरएंडडी और मार्केटिंग में निवेश, और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Fractal Analytics के बारे में
मार्च 2020 में बनी फ्रैक्टल एनालिटिक्स एक वैश्विक एंटरप्राइज एआई और एनालिटिक्स कंपनी है जो कंपनियों को अधिक बेहतर फैसले लेने में मदद करती है। इसका कारोबार दो अहम सेगमेंट्स-फ्रैक्टलडॉटएआई (Fractal.ai) और फ्रैक्टल अल्फा (Fractal Alpha) में है। इसके सिटीबैंक, फ्रेंकलिन टेंपलटन, नेस्ले और फिलिप्स जैसे दिग्गज क्लाइंट्स हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹194.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2024 में यह ₹54.70 करोड़ के घाटे में आ गई जिससे उबरकर यह फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹220.60 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना 17% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹2,816.20 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹70.90 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹1,594.30 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹274.60 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,937.10 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।