Freshara Agro Exports IPO Listing: ₹116 का शेयर ₹135 पर लिस्ट, चेक करें कारोबारी सेहत

Freshara Agro Exports IPO Listing: एग्रो एक्सपोर्ट्स (फ्रेशर पिकल्ज एक्सपोर्ट्स) बेबीकॉर्न, जैलपीनो (एक प्रकार की तीखी मिर्च) और अन्य पिकल्ड वेजीटेबल्स का निर्यात तरती है। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबार सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

अपडेटेड Oct 24, 2024 पर 5:13 PM
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Freshara Agro Exports IPO Listing: फ्रेशर एग्रो एक्सपोर्ट्स का ₹75.39 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 अक्टूबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Freshara Agro Exports IPO Listing: पिकल्ड वेजीटेबल्स निर्यात कंपनी फ्रेशर्स एग्रो एक्सपोर्ट्स के शेयरों की आज NSE SME पर 16% प्रीमियम पर एंट्री हुई। हालांकि धांसू लिस्टिंग के बाद शेयर मुनाफावसूली के चलते शेयर फिसल गए। इसके आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 236 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 116 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 135.00 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 16.38 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Freshara Agro Exports Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह 128.25 रुपये (Freshara Agro Exports Share Price) तक आ गया। दिन के आखिरी में यह 133.35 रुपये पर बंद हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशक अब 14.96 फीसदी मुनाफे में हैं।

Freshara Agro Exports IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

फ्रेशर एग्रो एक्सपोर्ट्स का ₹75.39 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-21 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 236.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 129.22 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 510.61 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 180.80 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 64,99,200 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में करेगी।


Freshara Agro Exports के बारे में

वर्ष 2015 में बनी एग्रो एक्सपोर्ट्स (फ्रेशर पिकल्ज एक्सपोर्ट्स) बेबीकॉर्न, जैलपीनो (एक प्रकार की तीखी मिर्च) और अन्य पिकल्ड वेजीटेबल्स का निर्यात तरती है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग प्रोग्राम के तहत तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्से के स्थानीय किसानों से यह कच्चा माल खरीदती है। इसमें से 70 फीसदी तो सीधे फैक्ट्रियों को सप्लाई कर दिया जाता है ताकि इन्हें प्रोसेस कर प्रोडक्ट्स तैयार किए जा सकें और बाकी 30 फीसदी फूड ब्रोकर्स और ट्रेडर्स को भेजा जाता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 97.36 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 9.08 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 21.82 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 29 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 198.20 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2024 में इसे 11.38 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 107.46 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।

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