SEBI on SME IPOs: छोटी-मंझली कंपनियों के आईपीओ के नियम होंगे और सख्त! इस कारण सेबी ने लिया फैसला

SEBI on SME IPOs: एसएमई के आईपीओ को लेकर जल्द ही बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) चर्चा के लिए सख्त नियमों का एक मसौदा जारी करेगा। पिछले कुछ समय से छोटी और मंझली कंपनियों (SME) के आईपीओ अपने ताबड़तोड़ सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग गेन की वजह से सुर्खियों में हैं। अब सेबी इस आईपीओ के लिए सख्त रेगुलेटरी फ्रेमबर्क ला रहा है

अपडेटेड Oct 22, 2024 पर 1:26 PM
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सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्वनी भाटिया ने कहा कि SME IPO पर एक डिस्कशन पेपर पर काम किया जा रहा है जो जल्द ही सामने आएगा।

SEBI on SME IPOs: एसएमई के आईपीओ को लेकर जल्द ही बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) चर्चा के लिए सख्त नियमों का एक मसौदा जारी करेगा। पिछले कुछ समय से छोटी और मंझली कंपनियों (SME) के आईपीओ अपने ताबड़तोड़ सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग गेन की वजह से सुर्खियों में हैं। हालांकि फिर सेबी ने गड़बड़ी पकड़ी और इसके चलते एक्सचेंज भी सख्त हुए और अधिकतम 90 फीसदी के लिस्टिंग गेन का नियम लगा दिया जिससे लिस्टिंग पर ही पैसा तीन गुना-चार गुना होना बंद हो गया। अब सेबी इस आईपीओ के लिए सख्त रेगुलेटरी फ्रेमबर्क ला रहा है।

SME IPO को लेकर SEBI सतर्क

मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट कांफ्रेंस में बोलते हुए सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्वनी भाटिया ने कहा कि SME IPO पर एक डिस्कशन पेपर पर काम किया जा रहा है जो जल्द ही सामने आएगा। उन्होंने कहा कि एसएमआई की लिस्टिंग पर एक्सचेंजों और सेबी की कड़ी नजर है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई धांधली नहीं हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि जिस हिसाब से इनके आईपीओ को ताबड़तोड़ बोलियां मिल रही हैं, जैसे मार्केट बनाया जा रहा है, अंडरराइटिंग हो रही है, उससे स्थिति आरामदायक नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि SME की इकॉनमी में बड़ी भूमिका है लेकिन निवेशकों, खासतौर से खुदरा निवेशकों को सावधान रहना चाहिए। पारदर्शिता बढ़ाने और तथ्यों के खुलासे के नियमों में एकरुपता पर फोकस पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अभी कुछ और काम किया जाना जरूरी है।


निवेशक ताबड़तोड़ लगा रहे बोली

एसएमआई आईपीओ में निवेशक ताबड़तोड़ बोली लगा रहे हैं। इस साल कई आईपीओ को सैकड़ों गुना बोलियां मिली हैं तो कुछ 1000 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुए हैं। इनके ताबड़तोड़ सब्सक्रिप्शन और धांसू लिस्टिंग ने खुदरा निवेशकों को भी खूब आकर्षित किया जबकि इसमें लॉट साइज ऐसा बनाया गया है कि कम से कम निवेश भी 1 लाख रुपये के पार है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक इस साल सितंबर महीने तक 7016 करोड़ रुपये के करीब 205 आईपीओ आए।

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