'ऐतिहासिक बुलबुले में है भारतीय बाजार...', निधन से पहले मशहूर फंड मैनेजर सिद्धार्थ भैया ने निवेशकों को दी थी अंतिम चेतावनी

Siddhartha Bhaiya On Nifty 50: निधन से कुछ दिनों पहले एक सम्मेलन के दौरान सिद्धार्थ भैया ने भारतीय बाजार को लेकर बेहद संजीदा और कड़वी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि निफ्टी का 20 का PE एक धोखा है

अपडेटेड Jan 03, 2026 पर 11:05 AM
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सिद्धार्थ भैया को बेबाक राय और 'मल्टीबैगर' शेयर ढूंढने की अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता था

Siddhartha Bhaiya: शेयर बाजार के दिग्गज और 'Aequitas' के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ भैया का 31 दिसंबर, 2025 को न्यूजीलैंड में निधन हो गया। 47 वर्षीय सिद्धार्थ अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने गए थे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा। निवेश की दुनिया में उन्हें उनकी बेबाक राय और 'मल्टीबैगर' शेयर ढूंढने की अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता था। निधन से कुछ दिन दिनों पहले उन्होंने भारत के शेयर बाजार को लेकर एक बड़ी बात कही थी जिसकी खूब चर्चा हो रही है। आइए आपको बताते हैं आखिर भारतीय शेयर बाजार को लेकर उन्होंने क्या कहा था।

'बाजार में है ऐतिहासिक बुलबुला'

निधन से कुछ समय पहले दिसंबर 2025 में एक सम्मेलन के दौरान सिद्धार्थ भैया ने भारतीय बाजार को लेकर बेहद संजीदा और कड़वी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि निफ्टी का 20 का PE (वैल्यूएशन) एक धोखा है। निफ्टी इसलिए सस्ता दिखता है क्योंकि उसमें SBI, ONGC और Coal India जैसी सरकारी कंपनियों का स्टेक ज्यादा है। अगर इन PSU शेयरों को हटा दें, तो आम निवेशकों के पास मौजूद शेयरों का असली PE 40 के पार है, जो बहुत महंगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पिछले 18 महीनों से केवल 'इंडिया ग्रोथ स्टोरी' बेची जा रही है, जबकि यह एक तेजी नहीं बल्कि एक बड़ा बुलबुला है।


SIP नहीं, SWT हो रहा है

इस दौरान उन्होंने SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान को एक नया नाम SWT यानी सिस्टमैटिक वेल्थ ट्रांसफर दिया। उनका मानना था कि मध्यम वर्ग का पैसा SIP के जरिए बाजार में आ रहा है और उसी समय बड़ी कंपनियों के प्रमोटर्स अपने शेयर बेचकर निकल रहे हैं। यह पैसा गरीब और मध्यम वर्ग से अमीरों की जेब में जा रहा है।

सिद्धार्थ भैया का पेशेवर सफर

सिद्धार्थ भैया एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) थे और उन्हें इक्विटी रिसर्च में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव था। 2011 तक उन्होंने 'निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड' के PMS विभाग में सबसे कम उम्र के फंड मैनेजर के रूप में काम किया। 2013 में उन्होंने अपनी कंपनी Aequitas शुरू की और जनवरी 2026 तक उनकी कंपनी का कुल फंड (AUM) ₹7,700 करोड़ के करीब पहुंच गया। वो 'स्मॉल-कैप' और कम चर्चित कंपनियों को ढूंढने में माहिर थे जो भविष्य में कई गुना मुनाफा दे सकें।

धोखा है निफ्टी का 20 PE: सिद्धार्थ भैया

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