कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI वायदा और विकल्प (F&O) सेगमेंट में सट्टा दांव के खिलाफ चेतावनी देने के लिए मजबूर है क्योंकि यह एक व्यापक मुद्दा बन गया है और अब अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यह बात सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने कही है। उन्होंने कहा कि घरेलू बचत सट्टेबाजी में जा रही है और युवा ऐसे कारोबार में ढेर सारा पैसा खो रहे हैं। इससे घरेलू बचत का इस्तेमाल पूंजी निर्माण के लिए नहीं हो पा रहा है।
बुच ने SBI म्यूचुअल फंड के कार्यक्रम में कहा, ''यह निवेशकों के एक छोटे से मुद्दे से अर्थव्यवस्था के एक व्यापक मुद्दे में बदल गया है।’’ सेबी की एक रिसर्च के मुताबिक, निवेशक F&O सेगमेंट में 10 में 9 सौदों में नुकसान उठाते हैं। जोखिम का खुलासा करने पर जोर देने से शुरू करते हुए, सेबी हाल ही में इस क्षेत्र से निवेशकों को दूर रखने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है।
जरूरी है चेतावनी दिया जाना
बुच ने कहा कि सेबी (Securities and Exchange Board of India) ने इस क्षेत्र में कारोबार बहुत तेजी से बढ़ने के कारण बदलाव करने का फैसला किया। उन्होंने सभी को बाजार विकास पर सेबी की जिम्मेदारी याद दिलाते हुए ऐसी चेतावनी को उचित ठहराया। बुच ने कहा कि हाल ही में सेबी ने कुछ इक्विटी सेगमेंट्स में एसेट प्राइस में उछाल को चिह्नित करने का फैसला किया, क्योंकि कोई भी दूसरा स्टेकहोल्डर अपना काम नहीं कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब इसे रोकने के लिए पर्याप्त उपाय मौजूद हैं।
बुच ने यह भी कहा है कि सेबी को लगता है कि फिनफ्लूएंसर्स, निवेश सलाहकार के रूप में रजिस्टर होकर रेगुलेटरी आर्बिट्रेज में लिप्त हैं और सेबी जल्द ही इस पर कंसल्टेशन पेपर लेकर आएगा।
Disclaimer: मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।