GAIL के शेयर धड़ाम, इस प्रोजेक्ट ने बढ़ाई बिकवाली, इंट्रा-डे हाई से 5% की तगड़ी गिरावट

दिग्गज पीएसयू Gail (India) लिए मार्च तिमाही खास नहीं रही। इसका रेवेन्यू 5 फीसदी से अधिक गिर गया। वहीं नेट प्रॉफिट भी रेवेन्यू में गिरावट और गैस मार्केटिंग सेगमेंट में उम्मीद ले कमजोर परफॉरमेंस के चलते 23 फीसदी फिसल गया। अब इसने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है और इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार के पास रिक्वेस्ट सबमिट कर दिया। इसका गेल के शेयरों पर निगेटिव असर दिखा

अपडेटेड Jun 10, 2024 पर 4:12 PM
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गेल के लिए मार्च तिमाही खास नहीं रही। इसका रेवेन्यू 5.6 फीसदी गिरकर 32,317 करोड़ रुपये पर गया। वहीं नेट प्रॉफिट भी रेवेन्यू में गिरावट और गैस मार्केटिंग सेगमेंट में उम्मीद ले कमजोर परफॉरमेंस के चलते 23 फीसदी फिसल गया।

दिग्गज पीएसयू गेल (इंडिया) की योजना मध्य प्रदेश में 1500 किलोटन सालाना का एथेन क्रैकर प्रोजेक्ट सेटअप करने की है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 60 हजार करोड़ रुपये होगी। गेल ने इस प्रोजेक्ट के लिए मध्य प्रदेश सरकार के पास अपनी याचिका दाखिल कर दिया है ताकि इसे प्रोजेक्ट के लिए जरूरी एनेबलर्स मुहैया हो सके। कंपनी ने इसकी जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी। इसका गेल के शेयरों पर निगेटिव असर दिखा और BSE पर यह 2.14 फीसदी की गिरावट के साथ 208.05 रुपये के भाव (GAIL Share Price) पर बंद हुआ।

इंट्रा-डे में यह 205.80 रुपये के निचले स्तर और 217.65 रुपये के हाई तक पहुंचा था यानी कि हाई से 5 फीसदी टूटकर यह निचले स्तर पर आया। पिछले साल 23 जून 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 103.20 रुपये और पिछले हफ्ते 3 जून 2024 यानी लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन पहले 233 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था।

मध्य प्रदेश में गेल को मिलेगी 800 हेक्टेयर जमीन 


मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड गेल को करीब 800 हेक्टेयर जमीन मुहैया कराएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार पहले ही प्रोसेस शुरू कर चुकी है। कंपनी का कहना है कि एक बार एनेबलर्स को लेकर खुशखबरी मिल जाती है, फिर निवेश के लिए बोर्ड से मंजूरी ली जाएगी। गेल यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में लेकर आई जब क्रैकर की ईयू कैपेसिटी बंद हो रही है और मार्जिन कमजोर बना हुआ है।

GAIL के लिए कैसी रही मार्च तिमाही?

गेल के लिए मार्च तिमाही खास नहीं रही। इसका रेवेन्यू 5.6 फीसदी गिरकर 32,317 करोड़ रुपये पर गया। वहीं नेट प्रॉफिट भी रेवेन्यू में गिरावट और गैस मार्केटिंग सेगमेंट में उम्मीद ले कमजोर परफॉरमेंस के चलते 23 फीसदी फिसल गया। शेयरहोल्डिंग की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2024 में सरकार की हिस्सेदारी इसमें 51.9% फीसदी थी। इंडियन ऑयल के पास इसकी 2.5% फीसदी और ओएनजीसी की हिस्सेदारी 5 फीसदी थी। 2 लाख रुपये से कम के निवेश वाले शेयरहोल्डर्स की बात करें तो उनके पास इसके करीब 11.97 फीसदी शेयर हैं।

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