24 फरवरी को करीब 2 साल में दो सबसे बुरे दिनों के बाद सेंसेक्स-निफ्टी ने आज के कारोबार में करीब आधे घाटे की भरपाई कर ली है। फिलहाल सेंसेक्स 11: 25 बजे के आसपास 1508.89 अंक यानी 2.78 फीसदी की बढ़त के साथ 56,047.94 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं निफ्टी 465.70 अंक यानी 2.76 फीसदी की मजबूती के साथ 16,713.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
23 फरवरी को यूक्रेन पर रशियन मिलिटरी अटैक के चलते ग्लोबल मार्केट भारी दबाव में आ गए थे। इसके साथ ही ग्लोबल कमोडिटी कीमतों खासकर तेल की कीमतों मे भारी उछाल देखने को मिला था। बाजार में इस तरह का डर पैदा हो गया था कि पश्चिमी देश रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा सकते हैं जिससे महंगाई के बढ़त के इस दौर में क्रूड और दूसरी कमोडिटी की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। जिससे इंफ्लेशन के मोर्चे पर स्थितियां और बुरी हो सकती हैं लेकिन कल की गिरावट के बाद आज बाजार में जोरदार शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली है सिर्फ ग्लोबल ही नहीं घरेलू बाजार में भी आज कल के नुकसान की भरपाई होती नजर आई है।
बाजार को इस बात से राहत मिली है कि अमेरिका और दूसरे देशों की तरफ से रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह में अभी तक ग्लोबल SWIFT पेमेंट सिस्टम में रूस को बाहर करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अगर रशियन इकोनॉमी को इस पेमेंट सिस्टम से निकालने की निर्णय लिया गया होता तो स्थितियां काफी बुरी हो सकती थी लेकिन ऐसा ना होने की वजह से बाजार ने राहत की सांस ली है।
इसके अलावा बुधवार को अमेरिका के प्रेसिडेंट बाइडेन की स्पीच के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल प्राइस में नरमी आती दिखी इससे भी बाजार को राहत मिली है। बाजार में आई रिकवरी की एक वजह यह भी है कि निवेशकों का ऐसा मानना है कि बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच यूएस फेडरल रिजर्व ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए अब जल्दबाजी में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का निर्णय नहीं लेगा।
रशियन अटैक के पहले इस बात की संभावना बन रही थी कि यूएस फेड महंगाई से निपटने के लिए आक्रमक तरीके से ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है लेकिन यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के चलते यूएस फेड अपने इस फैसले को टाल सकता है।
ट्रेडर्स का अनुमान है कि यूएस फेड अब ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी नहीं करेगा लेकिन यह बढ़ोतरी 35 बेसिस प्वाइंट के आसपास हो सकती है क्योकि अमेरिका में महंगाई कई दशको के हाई पर पहुंच गई है।
आज की रिकवरी के एक और अहम कारण पर नजर डालें तो गुरुवार के कारोबार में निफ्टी 16,200 के लेवल को बचाने में कामयाब रहा था। जिससे ट्रेडरों के अंदर बाजार को लेकर एक विश्वास पैदा हुआ है। Nifty 50 अपने कई ल़ॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजों के नीचे फिसला गया लेकिन इस गिरावट में उन तमाम निवेशकों को अच्छा मौका मिला जो बाजार के ओवर वैल्यूएशन को लेकर परेशान थे औऱ बाजार में एंट्री के लिए सही एंट्री प्वाइंट का इंतजार कर रहे थे।