Wall Street : ताजे अमेरिकी आंकड़ों से कमजोर आर्थिक विकास और महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ने के चलते वॉल स्ट्रीट के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट आई। अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में भारी बिकवाली हुई। ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते अमेरिका में महंगाई और मंदी बढ़ने की आशंका है। फरवरी में अमेरिकी उपभोक्ता खर्च में उम्मीद से कम बढ़त हुई है, जबकि अंडरलेइंग कीमतों में 13 महीनों में सबसे ज्यादा बढ़त हुई है।
इस बीच मिशिगन विश्वविद्यालय के एक सर्वेक्षण से पता चलता कि उपभोक्ताओं की 12 महीने की महंगाई की उम्मीदें मार्च में लगभग ढाई साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं हैं। उपभोक्ताओं का मानना है कि महंगाई अगले साल के बाद भी उच्च स्तर पर बनी रहेगी। इन आंकड़ों से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि जनवरी में पदभार ग्रहण करने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा की गई टैरिफ घोषणाओं से आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी,महंगाई बढ़ेगी और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने से बचेगा।
मंहगाई और टैरिफ की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। एप्पल में 2.7%, माइक्रोसॉफ्ट में 3% और अमेज़न में 4.3% की गिरावट आई।
न्यूयॉर्क स्थित AXS इन्वेस्टमेंट्स के सीईओ ग्रेग बासुक ने कहा,"निवेशकों के लिए एक और बड़ी चिंता यह है कि टैरिफ का महंगाई पर पड़ने वाला प्रभाव अभी तक आंकड़ों में नहीं दिखा है, हमारा मानना है कि इस समय हमें टैरिफ तूफान से पहले की शांति देखने को मिल रही है। आने वाले महीनों में महंगाई के घटने के बजाय बढ़ने की संभावना है।"
शुक्रवार को एसएंडपी 500 में 1.97% की गिरावट आई और यह 5,580.94 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 2.70% गिरकर 17,322.99 अंक पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.69% गिरकर 41,583.90 अंक पर बंद हुआ।
एसएंडपी 500 के 11 सेक्टर इंडेक्सों में से 10 इंडेक्स में गिरावट आई,जिसमें कम्युनिकेशन सेवाओं में सबसे ज्यादा 3.81% की गिरावट देखने को मिली। इसके बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी में 3.27 फीसदी की गिरावट आई। शुक्रवार की गिरावट के साथ, एसएंडपी 500 इंडेक्स 19 फरवरी के अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 9% नीचे आ गया है। नैस्डैक 16 दिसंबर के अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 14% नीचे है।
साप्ताहिक आधार पर देखें तो एसएंडपी 500 इंडेक्स में 1.5 फीसदी, नैस्डैक में 2.6 फीसदी तथा डाओ जोन्स में लगभग 1 फीसदी की गिरावट आई।
सीएमई फेडवाच के मुताबिक ब्याज दर वायदा कारोबारियों को इस बात की 76% संभावना दिखती है कि फेड अपनी जून की बैठक तक ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करेगा। ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील बैंक सेक्टर पर नज़र रखने वाला इंडेक्स 2.3 फीसदी गिर कर बंद हुआ। सीबीओई वोलैटिलिटी इंडेक्स लगभग 3 अंक बढ़कर एक सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
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