Gold Prices: रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोने का भाव, इन कारणों से 2026 में भी जारी रह सकती है तेजी

Gold Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, सोने की कीमतें फिलहाल अपने ऑल-टाइम हाई के आसपास बनी हुई हैं। कई बड़े सेंट्रल बैंकों, खासतौर US फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरों की कटौती की उम्मीद से सोने की कीमतों को मजबूतू मिल रही है

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 10:12 AM
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Gold Prices: सोना शुक्रवार 26 दिसंबर को ₹1,40,465 प्रति 10 ग्राम के अपने नए ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया

Gold Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, सोने की कीमतें फिलहाल अपने ऑल-टाइम हाई के आसपास बनी हुई हैं। कई बड़े सेंट्रल बैंकों, खासतौर US फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरों की कटौती की उम्मीद से सोने की कीमतों को मजबूतू मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालिया कारोबार के दौरान सोने में करीब 1% की नरमी जरूर दिखी, लेकिन कीमतें अब भी रिकॉर्ड स्तरों के पास कारोबार कर रही हैं। कमजोर डॉलर, सुरक्षित निवेश की मांग और 2026 में फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती के अनुमान ने सोने को मजबूती दी है। डॉलर इंडेक्स भी तीन महीने के निचले स्तरों के आसपास बना हुआ है, जिससे बिना ब्याज देने वाली इस धातु का आकर्षण और बढ़ गया है।

भारत में भी नया रिकॉर्ड

भारत में MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स ने बीते एक हफ्ते में जबरदस्त तेजी दिखाई। बीते सप्ताह सोना ₹5,677 या 4.23% चढ़कर शुक्रवार 26 दिसंबर को ₹1,40,465 प्रति 10 ग्राम के अपने नए ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निकट भविष्य में ट्रेडिंग वॉल्यूम थोड़े सुस्त रह सकते हैं, क्योंकि निवेशक अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की टाइमिंग और रफ्तार को लेकर संकेत मिल सकते हैं।


2026 में क्या रहेगा ट्रेंड?

JM फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर का कहना है कि 2025 जैसी शानदार तेजी के 2026 में दोहराए जाने की उम्मीद नहीं है, लेकिन लंबी अवधि का रुख अब भी पॉजिटिव बना हुआ है।

उनके मुताबिक, मॉनिटरी पॉलिसी में नरमी की उम्मीदें, डी-डॉलराइजेशन का रुझान और ग्लोबल ट्रेड से जुड़े तनाव सोने को सपोर्ट देते रहेंगे। प्रणव मेर का अनुमान है कि 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,000 से 5,200 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है, जबकि घरेलू बाजार में MCX पर इसके दाम ₹1.50 लाख से ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकते हैं।

ग्लोबल संकेतों पर रहेगी नजर

निवेशक अब बैंक ऑफ जापान की आगमी बैठक, ग्लोबल व्यापार से जुड़े घटनाक्रम और अमेरिका व चीन की आर्थिक स्थिति पर भी करीबी नजर रखे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले एक हफ्ते में सोने की कीमतें $165.4 या 3.77% बढ़कर कॉमेक्स पर $4,584 प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गईं।

एनालिस्ट्स का कहना है कि केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद पिछले तीन सालों की तुलना में कुछ धीमी हुई है, लेकिन करेंसी जोखिम और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की जरूरतों के चलते खरीदारी अब भी जारी है।

सुरक्षित निवेश बना रहेगा सोना

Angel One में नॉन-एग्री कमोडिटीज और करेंसी रिसर्च के DVP प्रथमेश माल्या का कहना है कि ब्याज दरों में नरमी और आगे भी कटौती की उम्मीदों ने सोने को और आकर्षक बना दिया है। उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और व्यापार से जुड़े जोखिमों ने भी सोने में सेफ-हैवन निवेश को बढ़ावा दिया है। माल्या को उम्मीद है कि 2026 की पहली छमाही में घरेलू एक्सचेंजों पर सोने की कीमतें ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच जाएंगी।

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