NSE International Exchange NSE IFSC : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के पूर्ण स्वामित्व वाले एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज यानी NSE IFSC ने चुनिंदा अमेरिकी स्टॉक्स में ट्रेडिंग शुरू करने का ऐलान किया है, जिसकी सुविधा NSE IFSC प्लेटफॉर्म के जरिये दी जाएगी। अमेरिकी स्टॉक्स की ट्रेडिंग, क्लीयरिंग, सेटलमेंट और होल्डिंग पूरी तरह आईएफएससी अथॉरिटी (IFSC Authority) के रेगुलेटरी स्ट्रक्चर के तहत होगी।
एक्सचेंज ने एनएसई आईएफएससी (NSE IFSC) रिसीट्स की लिस्ट साझा की है, जिनके लिए गुरुवार, 3 मार्च 2022 से ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। इनमें 8 अमेरिकी स्टॉक्स अल्फाबेट (Google), अमेजन (amazon), टेस्ला (Tesla), मेटा प्लेटफॉर्म्स (Facebook), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एपल (Apple), नेटफ्लिक्स और वालमार्ट शामिल हैं। ये पेशकश अनस्पांसर्ड डिपॉजिटरी रिसीट्स के रूप में होंगी।
कुछ स्टॉक्स में बाद में शुरू होगी ट्रेडिंग
एक्सचेंज ने कहा, इसमें चुने गए बाकी अमेरिकी स्टॉक्स NSE IFSC रिसीट्स के लिए ट्रेडिंग शुरू होने की तारीख बाद में सूचित की जाएगी। इनमें बर्कशायर हैथवे, एडोब, मास्टरकार्ड, जॉनसन एंड जॉनसन, वेल्स फार्गो आदि शामिल शामिल हैं।
इनवेस्टर्स गिफ्ट सिटी (GIFT City) में खुले अपने डीमैट खातों (demat accounts) में डिपॉजिटरी रिसीट्स (depository receipts) होल्ड कर सकेंगे और इसमें रखे स्टॉक से जुड़े कॉरपोरेट एक्शन बेनिफिट्स हासिल करने के हकदार होंगे।
RBI की लिमिट के तहत होगी ट्रेडिंग
NSE IFSC ने अगस्त में जारी सर्कुलर में कहा था, “IFSC पर यह अपनी तरह की अनूठी पहल है, जहां भारत के रिटेल इनवेस्टर्स NSE IFSC के प्लेटफॉर्म के जरिए आरबीआई (RBI) द्वारा सुझाई गई Liberalized Remittance Scheme (LRS) लिमिट के तहत कारोबार कर सकेंगे।”
NSE IFSC के तहत, यह रूट अंतर्राष्ट्रीय निवेश की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाता है और भारतीय रिटेल इनवेस्टर्स के लिए कॉस्ट भी खासी कम होगी। इनवेस्टर्स को अमेरिकी बाजारों में शेयरों की ट्रेडिंग की तुलना में फ्रैक्शनल क्वांटिटी वैल्यू में ट्रेड का विकल्प मिलेगा, जिससे यह उनके लिए किफायती होगा।
मजबूत रिस्क मैनेजमेंट देगी एनएसई आईएफएससी
इसमें कहा गया “एनएसई आईएफएससी क्लीयरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (NICCL) अपना मजबूत रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क ऑफर करेगी, डिपॉजिटरी रिसीट्स में सभी ट्रेड्स के लिए क्लीयरिंग और सेटलमेंट को आसान बनाएगी। साथ ही NSE IFSC प्लेटफॉर्म पर होने वाले सभी ट्रेड्स के संबंध में सेटलमेंट गारंटी उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, सभी ट्रेड्स को NSE IFSC के इनवेस्टर प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क के तहत कवर भी किया जाएगा।”