ग्रेफाइट इंडिया के शेयरों पर बाजार के कमजोर सेंटिमेंट का असर नहीं पड़ा है। बीते एक साल में इस शेयर ने करीब 59 फीसदी रिटर्न दिया है। 2026 में भी इसका रिटर्न शानदार यानी 28 फीसदी रहा। सिर्फ दो सत्रों में यह शेयर 17 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। सवाल है कि क्या आपको यह शेयर खरीदना चाहिए?
9 सितंबर को 15 फीसदी चढ़ा था स्टॉक
Graphite India का शेयर 9 सितंबर को 15 फीसदी चढ़ा था। इसकी वजह अमेरिकी कंपनी GrafTech International का एक ऐलान था। उसने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम कम से कम 30 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसका असर दुनियाभर में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतों पर पड़ेगा। इसका फायदा ग्रेफाइट इंडिया को भी मिलेगा।
ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने का फायदा मिलेगा
पॉल एसेट में फंड मैनेजर प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के दाम बढ़ने से ग्रेफाइट इंडिया की अर्निंग्स बढ़ेगी। हालांकि, दाम में होने वाली असल वृद्धि नए ऑर्डर्स और रिन्यूएबल्स पर निर्भर करेगी। यह भी देखना होगा कि आगे इनपुट्स कॉस्ट कैसी रहती है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं।
स्टील कंपनियों का मार्जिन घट सकता है
उन्होंने कहा, "स्टील कंपनियों के मार्जिन पर ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की कीमतें बढ़ने का असर पड़ेगा। अगर वे बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ कस्टरम्स पर डालती हैं तो उनके मार्जिन पर असर नहीं पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि यह देखने के लिए कि कीमतों में इजाफा का फायदा कंपनियों को मिल रहा है या नहीं, वह नए ऑर्डर, सेल्स वॉल्यूम और इनपुट कॉस्ट को देखना चाहेंगे।
1000 रुपये तक जा सकता है यह शेयर
बोनांजा में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट विराट जागड़ ने कहा कि ग्रेफाइट इंडिया के शेयर में 800 रुपये के रेसिस्टेंस लेवल के ऊपर बुलिश ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक में 800-810 पर एंट्री की जा सकती हैा इसके लिए 770 के नीचे स्टॉपलॉस लगाना होगा। यह शेयर 1,000 रुपये के प्राइस तक जा सकता है। इस शेयर में इसके सभी महत्वपूर्ण एवरेजेज से ऊपर कारोबार हो रहा है।
बाजार में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद रिकवरी
10 सितंबर को लगातार तीन दिनों तक गिरने के बाद शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.20 फीसदी यानी 46 अंक चढ़कर 23,477 रुपये पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 74,902 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी तेजी देखने को मिली।