Market Outlook : 10 सितंबर को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,450 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ। लगभग 1872 शेयरों में बढ़त हुई, 2272 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी पर सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और M&M शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में HDFC लाइफ, पावर ग्रिड कॉर्प, ONGC, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा शामिल रहे।
सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, PSU बैंक और प्राइवेट बैंक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि मेटल, ऑटो और फार्मा सेक्टर में 0.5% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और लंबे समय से चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण एनर्जी से जुड़ी महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना और मजबूत हुई है। निवेशक अब ब्याज दरों की चाल का संकेत पाने के लिए अमेरिका के महंगाई आंकड़ों पर नजरें बनाए हुए हैं। इस बीच,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद और येन के मजबूत होने के चलते येन कैरी ट्रेड के अनवाइंड होने की आशंका के चलते उभरते बाजारों में कैपिटल फ़्लो पर दबाव बने रहने की संभावना है।
इन सभी वजहों से एक्सपायरी के दिन कमज़ोर एशियाई संकेतों के बीच घरेलू बाज़ार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों का फोकस कच्चे तेल की कीमतों पर रहा। हालांकि अगस्त में इक्विटी फंड फ़्लो के मज़बूत आंकड़ों और SIP स्टॉपेज रेश्यो में कमी ने बाज़ारों को सहारा दिया,लेकिन रुपये की गिरती कीमत और घरेलू बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने बाज़ार के सेंटीमेंट को खराब किया।
कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में सीमित दायरे में कारोबार हुआ। निफ्टी 46 अंक ऊपर और सेंसेक्स 139 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर की बात करें तो कुछ खास फाइनेंशियल शेयरों में इंट्राडे खरीदारी दिखी। जबकि डिफेंस इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरा। इसमें लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई। तकनीकी नजरिए से देखें तो बाजार का शॉर्ट-टर्म आउटलुक कमजोर बना हुआ है,लेकिन अस्थायी रूप से ओवरसोल्ड पोजीशन के कारण हमें मौजूदा स्तरों से एक पुलबैक रैली देखने को मिल सकती है।
डे ट्रेडर्स के लिए निफ्टी में 23,400 अहम सपोर्ट होगा। जबकि, 23,500 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 23,500 के ऊपर जाने पर यह उछाल 23,700-23,750 तक बढ़ सकता है। इसके विपरीत 23,400 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ने की संभावना है। अगर बाजार इस स्तर से नीचे गिरता है, तो यह 23,300-23,250 तक फिसल सकता है।
एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि CAS सेशन के बाद बैंक निफ्टी पॉजिटिव जोन में बंद होने में कामयाब रहा और डेली चार्ट पर इसने बुलिश कैंडलस्टिक बनाई। हालांकि,इंडेक्स अभी भी अपने 200-DMA के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे चार्ट का स्ट्रक्चर और सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है।
बैंक निफ्टी को सबसे नजदीकी सपोर्ट 55,900–56,000 के जोन में मिल रहा है,जबकि रिकवरी के दौरान 57,000 के आसपास रुकावट आ सकती है। जब तक बैंक निफ्टी 57,500 के नीचे बना हुआ है,तब तक आउटलुक बेयरिश रहेगा और उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाना बेहतर होगा।
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