Stock to Buy: एमसीएक्स के शेयरों को लग सकते हैं पंख, बर्नस्टीन ने बताई है इसकी वजहें

Stock to Buy: बर्नस्टीन ने बीएसई के मुकाबले एमसीएक्स के शेयरों को बेहतर बताया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कमोडिटी डेरिवेटिव्स में अच्छी ग्रोथ जारी रहेगी, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स की ग्रोथ सुस्त पड़ सकती है। उसने कहा है कि एमसीएक्स का कॉन्ट्रैक्ट वॉल्यूम अनुमान से ज्यादा तेजी से बढ़ा है

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 5:22 PM
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एमसीएक्स का शेयर बीते एक साल में 116 फीसदी चढ़ा है।
     
     
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    Stock to Buy: अगर आप ऐसे शेयर की तलाश में हैं, जो अच्छा मुनाफा दे सकता है तो आप एमसीएक्स के बारे में सोच सकते हैं। बर्नस्टीन ने एमसीएक्स के शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस पर 'आउटपरफॉर्म' की रेटिंग दी है। उसने इस शेयर के लिए 3,330 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 10 सितंबर के अपने क्लोजिंग प्राइस से 15 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है।

    कॉन्ट्रैक्ट्स वॉल्यूम में अनुमान से तेज ग्रोथ

    Bernstein ने बीएसई के मुकाबले एमसीएक्स के शेयरों को बेहतर बताया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कमोडिटी डेरिवेटिव्स में अच्छी ग्रोथ जारी रहेगी, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स की ग्रोथ सुस्त पड़ सकती है। उसने कहा है कि एमसीएक्स का कॉन्ट्रैक्ट वॉल्यूम अनुमान से ज्यादा तेजी से बढ़ा है। अगस्त में ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट साल दर साल आधार पर बढ़कर 4.3 गुना हो गया, जबकि फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 2.1 गुना हो गया।


    रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद

    ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट्स बढ़ने का पॉजिटिव असर एमसीएक्स की अर्निंग्स पर पड़ेगा। बर्नस्टीन ने FY27 में ऑपरेशंस से एमसीएक्स का रेवेन्यू बढ़कर 30,098 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। FY26 में यह 23,020 करोड़ रुपये था। इस दौरान नेट प्रॉफिट बढ़कर 18,394 करोड़ रुपये पहुंच जाने का अनुमान है। FY26 में यह 13,314 करोड़ रुपये था।

    कमोडिटी डेरिवेटिव्स में पार्टिसिपेशन बढ़ने की उम्मीद

    ब्रोकरेज फर्म के अनुमान का आधार यह है कि ट्रेडर्स अब कमोडिटी डेरिवेटिव्स की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। उसने अपने अनुमान में कहा है कि अभी सिर्फ 25 फीसदी इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स कमोडिटी डेरिवेटिव्स में पार्टिसिपेट करते हैं। इससे क्रॉस सेलिंग के लिए बड़ा मौका दिख रहा है, क्योंकि ब्रोकर्स अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए इक्विटी ऑप्शंस से बाहर मौके तलाश रहे हैं।

    CAS से भी कमोडिची डेरिवेटिव्स में बढ़ रहा पार्टिसिपेशन

    बर्नस्टीन का कहना है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत से भी कमोडिटी डेरिवेटिव में पार्टिसिपेशन को बढ़ावा मिला है। उसने कहा है कि रिटेल ब्रोकर्स को कमोडिटीज में डायरेक्ट ट्रेड करने में ज्यादा फायदा है क्योंकि इक्विटी डेरिवेटिव्स को ज्यादा रेगुलेटरी प्रेशर का सामना करना पड़ता है।

    86 फीसदी रेवेन्यू ट्रांजेक्शन चार्ज से आता है

    एमसीएक्स का करीब 86 फीसदी रेवेन्यू ट्रांजेक्शन चार्ज से आता है। इसमें से करीब दो-तिहाई रेवेन्यू ऑप्शंस से आता है, जबकि एक-तिहाई रेवेन्यू फ्यूचर्स से आता है। फ्यूचर्स बिजनेस में बुलियन की हिस्सेदारी ज्यादा है। ऑप्शंस के लिहाज से एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स खासकर क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस के कॉन्ट्रैक्ट्स की ज्यादा हिस्सेदारी रही है।

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    बीते एक साल में 116 फीसदी चढ़ा है स्टॉक

    MCX का शेयर 10 सितंबर को 1.65 फीसदी गिरकर 3,294 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि बीते एक साल में यह शेयर 116 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न निगेटिव रहा है। इसका मतलब है कि बाजार का सेंटीमेंट खराब रहने का बावजूद एमसीएक्स के शेयरों में तेजी आई है।

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