Gravita India Fund Raise: दिग्गज लेड प्रोड्यूसर ग्रेविटा इंडिया फंड जुटाने के लिए अगले सप्ताह की शुरुआत में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च कर सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने CNBC-TV18 को बताया कि कंपनी इंस्टीट्यूशनल शेयर बिक्री के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इस साल 4 अक्टूबर को ग्रेविटा इंडिया के बोर्ड ने QIP और अन्य स्वीकार्य तरीकों से 1,000 करोड़ रुपये तक जुटाने को मंजूरी दी थी। कहा गया था कि कंपनी प्राइवेट प्लेसमेंट, इक्विटी या डेट सिक्योरिटीज के नए पब्लिक इश्यू, प्रिफरेंशियल इश्यू या राइट्स इश्यू के माध्यम से इक्विटीज या आंशिक रूप से कनवर्टेड डिबेंचर्स या दोनों के जरिए एक या एक से अधिक राउंड में यह फंड जुटाएगी।
जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही के अंत में ग्रेविटा इंडिया के प्रमोटर्स के पास कंपनी में 63.37% हिस्सेदारी थी। 12 दिसंबर को ग्रेविटा इंडिया के शेयर लाल निशान में हैं। कारोबार बंद होने पर शेयर 0.56 प्रतिशत टूटकर 2245.10 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 15500 करोड़ रुपये है। पिछले एक साल में शेयर की कीमत 110 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी है।
अक्टूबर में रजत अग्रवाल बने चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर
Gravita India ने अक्टूबर में शेयर बाजारों को बताया था कि कंपनी के बोर्ड ने सुनील कंसल को होल टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 4 अक्टूबर से ही प्रभावी हो गई है। वहीं रजत अग्रवाल को मैनेजिंग डायरेक्टर से चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया गया है। उनकी नई पोजिशन 5 अक्टूबर से प्रभावी है। महावीर प्रसाद अग्रवाल का चेयरमैन एंड होल टाइम डायरेक्टर के तौर पर इस्तीफा 5 अक्टूबर 2024 से प्रभावी हो गया है।
वित्त वर्ष 2025 के लिए 180 करोड़ का कैपेक्स किया है तय
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 तक 600 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) निर्धारित किया है। इसे इंटर्नल सोर्सेज से फंड किया जाएगा। कंपनी कोई इंक्रीमेंटल डेट नहीं ले रही है। वित्त वर्ष 2025 के लिए, ग्रेविटा इंडिया ने 180 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया है।
बीएसई पर मौजूद डेटा के मुताबिक, ग्रेविटा इंडिया का जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 786.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 50.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। जून तिमाही में रेवेन्यू 757.14 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 35.82 करोड़ रुपये रहा था।