सरकारी कंपनी गुजरात एनर्जी ने शुक्रवार, 6 नवंबर को अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के साथ 40 लाख टन तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) खरीदने का करार किया है। ये सप्लाई 2028 से शुरू होकर 10 साल तक चलेगी। इतने बड़े सौदे के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 4% नीचे कारोबार कर रहा था, क्योंकि गुरुवार को आए कमजोर तिमाही नतीजों का असर अब भी बना हुआ है।
2028 से शुरू होगी सप्लाई, 10 साल का करार
रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसने ADNOC के साथ एक लॉन्ग टर्म सेल्स एंड परचेज एग्रीमेंट (SPA) किया है। इसके तहत गुजरात एनर्जी को 10 साल में कुल 40 लाख टन तक LNG मिलेगी और ये सप्लाई 2028 से शुरू होगी।
ये गैस ADNOC की अंतरराष्ट्रीय निवेश शाखा XRG के ग्लोबल गैस पोर्टफोलियो से आएगी। फाइलिंग के मुताबिक ये भारत में ADNOC का पांचवां LNG सप्लाई करार है।
XRG के पोर्टफोलियो से LNG की पहली बिक्री
XRG पूरी तरह ADNOC की अपनी अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनी है, जिसका मुख्यालय अबू धाबी में है। इसकी एंटरप्राइज वैल्यू 150 अरब डॉलर से ज्यादा है। ये कंपनी नेचुरल गैस, केमिकल्स और ऐसे एनर्जी सॉल्यूशंस में निवेश करती है, जो दुनिया भर की इंडस्ट्री और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को ताकत देते हैं।
ADNOC के चीफ मार्केटिंग एंड ओरिजिनेशन ऑफिसर (LNG) राशिद अल मजरूई ने कहा कि इस करार से भारत के साथ कंपनी की एनर्जी साझेदारी और मजबूत हुई है। उनके मुताबिक ये XRG के अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो से LNG की पहली बिक्री है। उन्होंने कहा कि ADNOC भारत को भरोसेमंद, लचीली और लॉन्ग टर्म LNG सप्लाई देगी।
47 mtpa का बड़ा प्लान, एशिया में और भी सौदे
ये सौदा ADNOC के नए ग्लोबल LNG मार्केटिंग और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फाइनल हुआ है। इस प्लेटफॉर्म का लक्ष्य 2030 के बाद हर साल 4.7 करोड़ टन (47 mtpa) बेचने लायक LNG तक पहुंचने का है।
एशिया में ये प्लेटफॉर्म इस सौदे के अलावा दो और करार कर चुका है। एक जापान की INPEX के साथ और दूसरा थाईलैंड के गल्फ ग्रुप के साथ।
पश्चिम एशिया के तनाव के बीच आया सौदा
ये करार ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया में क्रूड की सप्लाई बाधित हुई है और कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे हफ्ते के बाद तेल की कीमतें कुछ थमीं, लेकिन अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी हफ्तेवार गिरावट की ओर बढ़ रही थीं। निवेशक महीनों से चल रहे इस संघर्ष के खत्म होने पर दांव लगा रहे हैं। फिर भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गुरुवार के उस बयान के बाद क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान वॉशिंगटन की मंजूरी के बिना अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर कोई कदम नहीं उठा सकता। ब्रेंट क्रूड इंट्राडे में 99.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
सौदे के बावजूद शेयर 4% टूटा, नतीजों ने किया निराश
LNG सौदे की खबर भी शेयर को सहारा नहीं दे पाई। शुक्रवार दोपहर 12:55 बजे गुजरात एनर्जी का शेयर 4% गिरकर कारोबार कर रहा था। इसकी वजह गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद आए सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजे हैं।
तिमाही आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 35.9% घटकर ₹639.3 करोड़ रह गया, जो पिछली तिमाही में ₹998 करोड़ था। रेवेन्यू 1.5% बढ़कर ₹9,590 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA 38.5% गिरकर ₹797.2 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन 13.72% से घटकर 8.31% रह गया, यानी बिक्री तो बढ़ी, पर कमाई का मुनाफे में बदलने वाला हिस्सा काफी सिकुड़ गया।