Boardroom : दूसरी तिमाही में कंपनी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे है। बावजूद स्टॉक में 18 अक्टूबर को पुलबैक देखने को मिल रही है। शेयर एनएसई पर 2.50 फीसदी की बढ़त के साथ कामकाज कर रहा है। बता दें कि Havells आय 16 परसेंट और मुनाफा 7% बढ़ा है, लेकिन EBITDA और मार्जिन फ्रंट पर निराशा रही। EBITDA फ्लैट रहा जबकि मार्जिन करीब डेढ़ परसेंट तक फिसले है।
बता दें कि कंपनी का रेवेन्यू भी 16 फीसदी उछलकर 4533 करोड़ रुपये और EBITDA भी 1.7 फीसदी बढ़कर 380 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कमोडिटी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के चलते कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ा, खासतौर से केबल सेगमेंट में। स्विचेज और घरेलू स्विचगियर में ग्रोथ अच्छी रही लेकिन इंडस्ट्रियल स्विचगियर की ग्रोथ हायर बेस के चलते फीकी पड़ गई। पिछले साल समान तिमाही में कंपनी को बड़े-बड़े ऑर्डर मिले थे।
नतीजों पर बात करते हुए कंपनी के CMD अनिल राय गुप्ता ने कहा कि Q2 में LLOYD कारोबार में ग्रोथ अच्छी रही है। कॉपर कीमतों से केबल & वायर के मार्जिन पर असर पड़ा। फेस्टिव सीजन की वजह से विज्ञापन खर्च में बढ़ोतरी हुई। विज्ञापन खर्च बढ़ने का भी मार्जिन पर असर दिखा है।
फेस्टिव सीजन की शुरुआत अच्छी है।Lloyd और ECD में मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। Q1 के मुकाबले Q2 में बेहतर ग्रोथ रही है । उन्होंने कहा कि आगे C&W में डिमांड मजबूत रहने की उम्मीद है। C&W में अच्छी मांग से मार्जिन में सुधार संभव है।
कच्चे माल के दाम स्थिर होने का फायदा मिलेगा। रेजिडेंशियल और इंफ्रा में मजबूत मांग की उम्मीद है। कंपनी के FMEG प्रोडक्ट की मांग बेहतर रही है। किचन अप्लायंस सेगमेंट में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए है । किचन अप्लायंस प्रोडक्ट की मांग बेहतर है। ग्रामीण क्षेत्रों में कंपनी के प्रोडक्ट की मांग अच्छी रही है।
हैवेल्स इंडिया के शेयरों ने निवेशकों की शानदार कमाई कराई है। पिछले 1 साल में स्टॉक ने निवेशकों को 38.03 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। वहीं इस साल अब तक इसमें 35.25 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। स्टॉक की आज की चाल पर नजर डालें तो शेयर का डे हाई 1,856.85 रुपये पर है जबकि डे लो 1,763.65 रुपये पर है। वहीं इसका 52 वीक हाई 2,106.00 रुपये पर है जबकि 52 वीक लो 1,232.85 रुपये पर है।