HCLTech के शेयरों में 11% की गिरावट, 11 साल का सबसे खराब दिन, ब्रोकरेजेज ने घटाए टारगेट प्राइस
HCLTech Shares: एचसीएलटेक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 16 वर्षों में पहली बार किसी वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा गिरा और गाइडेंस के मोर्चे पर यह सुस्त रही तो इसके शेयर धड़ाम हो गए। ब्रोकरेजेज ने भी इसका टारगेट प्राइस घटा दिया है। जानिए कंपनी किसी मोर्चे पर अच्छा भी की है या नहीं और इसके शेयरों का टारगेट प्राइस अब क्या है
HCLTech का मार्च 2026 तिमाही में प्रदर्शन कमजोर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 3.3% फिसल गया जबकि अनुमान लगभग 1% गिरावट का था।
HCLTech Shares: मार्च तिमाही के कारोबारी नतीजे और गाइडेंस ने एचसीएलटेक के शेयरों को ऐसा करारा झटका दिया कि यह टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर के काफी करीब आ गया। सिर्फ यही नहीं, ब्रोकरेज फर्मों ने इसके टारगेट प्राइस में भी कटौती की है। इन दोनों ने मिलकर एचसीएलटेक के शेयरों पर तगड़ी स्ट्राइक कर दी और यह 11% से अधिक टूट गया। इसके शेयरों की यह गिरावट अक्टूबर 2015 के बाद से इंट्रा-डे में आज सबसे तेज रही। आज बीएसई पर यह 10.85% की गिरावट के साथ ₹1285.20 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 11.10% टूटकर ₹1281.55 तक आ गया था।
इसके शेयर 3 फरवरी 2026 को एक साल के हाई ₹1,770.00 पर था जिससे एक महीने में यह 27.93% फिसलकर 16 मार्च 2026 को ₹1,275.70 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इसे कवर करने वाले 47 एनालिस्ट्स में से 19 ने इसे खरीदारी, 15 ने होल्ड और 13 ने सेल रेटिंग दी है।
HCLTech के शेयरों का अब क्या है टारगेट प्राइस?
ब्रोकरेज फर्म इनक्रेड ने एचसीएलटेक की रेटिंग को घटाकर रिड्यूस कर दिया और टारगेट प्राइस ₹1616 से कम करके ₹1275 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि मैनेजमेंट के सतर्क रुझान, स्ट्रक्चरल चुनौतियों, बुकिंग्स की नरमी और गाइडेंस की सुस्ती ने रेवेन्यू के अनुमान को झटका दिया है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने भी एचसीएलटेक की रेटिंग को खरीदारी से घटाकर होल्ड और टारगेट प्राइस ₹1,550 से घटाकर ₹1,400 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने इसकी ग्रोथ के अनुमान को कम किया तो डॉलर-रुपये का अनुमान 88 से बढ़ाकर 93 कर दिया है।
ब्रोकरेज फर्म HSBC ने एचसीएलटेक की होल्ड रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस ₹1,560 से घटाकर ₹1,480 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि आगे चलकर मुनाफे में उछाल और शेयरों के दोहरे अंकों की स्पीड से बढ़ने की संभावना कम है।
एक और ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने एचसीएलटेक की न्यूट्रल रेटिंग को बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को ₹1,419 से घटाकर ₹1,370 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि टेलीकॉम सेक्टर की कमजोरी और SAP प्रोजेक्ट कैंसिलेशन का असर नए वित्त वर्ष 2027 में भी जारी रह सकता है। जेपीमॉर्गन के मुताबिक कंपनी विदेशी मुद्रा (फोरेक्स) से होने वाले मुनाफे को सेल्स और GenAI क्षमताओं में निवेश करने की योजना बना रही है, जिससे नए साल में मार्जिन विस्तार की उम्मीदें सीमित हो सकती हैं।
नोमुरा ने तो खरीदारी की रेटिंग बनाए रखा है, लेकिन टारगेट प्राइस ₹1,700 से घटाकर ₹1,600 कर दिया है। हालांकि नोमुरा को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में मार्जिन सामान्य हो जाएंगे, लेकिन FY2027-2028 के लिए EPS अनुमान को धीमी ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए 5% से 7% तक घटा दिया है।
कैसी रही एचसीएलटेक की मार्च तिमाही?
एचसीएलटेक का मार्च 2026 तिमाही में प्रदर्शन कमजोर रहा। कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 3.3% फिसल गया जबकि अनुमान लगभग 1% गिरावट का था। वहीं 16.5% का मार्जिन भी 17.6% के अनुमान से कम रहा। इसके चलते कंपनी अपने वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को हासिल नहीं कर पाई। कंपनी को पहले 4% से 4.5% की वृद्धि का अनुमान था, जबकि वास्तव में पूरे साल की ग्रोथ 3.9% रही। इससे पहले दिसंबर तिमाही के नतीजों के दौरान कंपनी ने पहले के 3% से 5% के गाइडेंस अनुमान को बढ़ाया था।
एक और मोर्चे पर कंपनी ने झटका दिया नए वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी का गाइडेंस भी उम्मीदों से कमजोर रहा। कंपनी ने कॉन्स्टेंट करेंसी में रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 1%-4% के बीच रहने का अनुमान लगाया है, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान 3% से 6% के बीच था। इसके अलावा 16 वर्षों में पहली बार किसी वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा गिरा है।
सिर्फ एक मोर्चे पर कंपनी पॉजिटिव रही। वह ये कि वित्त वर्ष 2027 के लिए एचसीएलटेक ने मार्जिन गाइडेंस को 17-18% से बढ़ाकर 17.5%-18.5% कर दिया है। साथ ही कॉन्स्टेंट करेंसी में एडवांस्ड AI सेगमेंट से रेवेन्यू तिमाही आधार पर 6.1% बढ़कर $15.5 करोड़ हो गया।
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