HCLTech Share Price: देश की बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार एचसीएलटेक के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का अच्छा-खासा दबाव दिख गया। एक कारोबारी दिन पहले कंपनी ने दिसंबर तिमाही के कुछ मोर्चों पर धमाकेदार कारोबारी नतीजे जारी किए और साथ ही कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के आउटलुक को अपग्रेड किया। कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया। इसके बावजूद शेयर टूट गए। निचले स्तर पर रिकवरी के साथ शेयरों ने संभलने की कोशिश तो की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 0.19% की गिरावट के साथ ₹1665.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 2.45% टूटकर ₹1626.40 तक आ गया था।
HCL Tech के लिए कितनी बेहतर रही दिसंबर तिमाही?
दिसंबर 2025 तिमाही में एचसीएलटेक का कॉन्स्टैंट करेंसी टर्म में रेवेन्यू 4.2% की रफ्तार से बढ़ा जबकि अनुमान 2.9% का ही थी। साथ ही एडजस्टेड ईबीआईटी मार्जिन भी 18.3% के अनुमान के मुकाबले 18.6% रही। नतीजे में कंपनी ने खुलासा किया कि नए लेबर कोड के लागू होने के चलते ईबीआईटी लेवल पर इस पर एक बार के लिए ₹956 करोड़ यानी करीब 81 बेसिस प्वाइंट्स का असर पड़ा और दिसंबर तिमाही में नेट इनकम को ₹719 करोड़ का झटका दिखा। मैनेजमेंट का मानना है कि इसका प्रभाव आगे चलकर 10-20 बेसिस प्वाइंट्स तक सीमित रह सकता है।
अब पूरे वित्त वर्ष 2026 के आउटलुक की बात करें तो कंपनी ने कॉन्स्टैंट करेंसी टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 3-5% से बढ़ाकर 4-4.5% कर दिया है। सर्विसेज रेवेन्यू गाइडेंस को भी 4-5% से बढ़ाकर 4.75-5.25% कर दिया गया है। इसे दिसंबर तिमाही के मजबूत एग्जीक्यूशन और पिछली कुछ तिमाही में हासिल किए गए डील्स के दम पर अपग्रेड किया गया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ईबीआईटी मार्जिन के अनुमान को 17-18% पर बरकरार रखा है। एआई को लेकर कंपनी का कहना है कि एडवांस्ड एआई रेवेन्यू $14.6 करोड़ रहा जोकि इसके ओवरऑल रेवेन्यू में करीब 3.8% हिस्सेदारी रही और कॉन्स्टैंट करेंसी टर्म में तिमाही आधार पर इसमें 19.9% की तेजी आई। मैनेजमेंट का कहना है कि ट्रेडिशनल टेक्नोलॉजी पर खर्च धीमा हो रहा है जबकि एआई वाले निवेश बढ़ रहे हैं।
रिजल्ट के बाद ब्रोकरेजेज का क्या है रुझान?
मॉर्गन स्टैनले ने एचसीएलटेक की इक्वलवेट रेटिंग को बरकरार रखा है लेकिन टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹1,760 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि दिसंबर तिमाही के धमाकेदार नतीजे और पूरे वित्त वर्ष के आउटलुक को अपग्रेड कर चौंका दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए अब पहले से थोड़ा बेहतर दिख रहा है।
मैक्वेरी ने ₹2080 के टारगेट प्राइस के साथ एचसीएलटेक की आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि देश की बड़ी आईटी कंपनियों में सबसे तगड़ी ग्रोथ एचसीएलटेक की ही रह सकती है और वित्त वर्ष 2027 में इसका ईबीआईटी मार्जिन 18-19% की रेंज में रह सकता है।
नोमुरा ने एचसीएलटेक की खरीदारी रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस को बढ़ाकर ₹1,810 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एचसीएलटेक का एसेट-लाइट अप्रोच और जेनएआई सर्विसेज पर फोकस इसकी ग्रोथ को सपोर्ट करेगी।
सीएलएसए ने ₹1661 के टारगेट प्राइस के साथ एचसीएलटेक की रेटिंग को होल्ड रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पिछले छह वर्षों में इसने पहली और चौथी तिमाही में मिलाकर औसतन (-)2% रिटर्न दिया है लेकिन दूसरी और तीसरी तिमाही में औसतन 21% का रिटर्न दिया है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एचसीएलटेक को ₹1680 के टारगेट प्राइस के साथ रिड्यूस रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि लागत में कटौती के चलते मांग में आई सुस्ती को देखते हुए ईबीआईटी मार्जिन में खास ग्रोथ के आसार कम दिख रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025-28 के बीच इसका ईपीएस सालाना आधार पर 7.0% की चक्रवृद्धि रफ्तार (CAGR) से बढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि अभी यह वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित कमाई के मुकाबले करीब 23 गुना भाव पर है और पियर्स के मुकाबले प्रीमियम पर है और वैल्यूएशन फुल्ली प्राइस्ड दिख रहा है।
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