HDFC Bank Share Price : 29 जून को शुरुआती कारोबार में HDFC बैंक के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। दो ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक के लिए अपनी 'बुलिश' रेटिंग को दोहराया है। जानकारों का कहना है कि पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र कानूनी समीक्षा से गवर्नेंस से जुड़ी उन चिंताओं को कम करने में मदद मिलनी चाहिए,जिनका असर हाल के महीनों में शेयर पर देखने को मिला है।
इस बीच HDFC बैंक को लीगल रिव्यू में बड़ी राहत मिली है। स्वतंत्र कानूनी जांच में पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के आरोपों का कोई सबूत नहीं मिला है। दुबई मामले में भी आपत्ति का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। बार-बार बुलाने पर भी अतनु चक्रवर्ती जांच में शामिल नहीं हुए। अतनु चक्रवर्ती ने जांच पर ही सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैंक ने जांच का दायरा और कानूनी आधार कभी शेयर नहीं किए।
इस खबर के बाद आज के शुरुआती कारोबार में HDFC बैंक का शेयर 0.5% बढ़कर ₹800.2 पर पहुंच गया। इससे पहले के सेशन में भी इसमें 0.35% की बढ़त हुई थी। हालिया रिकवरी के बावजूद,पिछले एक साल में HDFC बैंक के शेयरों में करीब 20% की गिरावट आई है। यह प्रदर्शन Nifty 50 के मुकाबले कमजोर रहा है,जिसमें इसी दौरान 5.7% की गिरावट दर्ज की गई। बैंक का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹12.3 लाख करोड़ है।
एचडीएफसी बैंक पर जेफरीज की राय
उधर जेफरीज़ ने इस स्टॉक पर अपनी 'बाय'रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,050 रुपये प्रति शेयर तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार की क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 32 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बैंक के पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की टिप्पणियों की समीक्षा करने वाली स्वतंत्र लॉ फर्मों को उनके मार्च 2026 के इस्तीफे के पत्र में लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं मिला।
जेफरीज के मुताबिक इस खबर के चलते बैंक के गवर्नेंस को लेकर निवेशकों की चिंताएं कम हुई हैं। इससे नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नियुक्ति और मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि HDFC बैंक का वैल्यूएशन आकर्षक बना हुआ है। यह FY27 की अनुमानित अर्निंग के लगभग 13 गुना और एडजस्टेड प्राइस-टू-बुक वैल्यू के 1.7 गुना पर है।
एचडीएफसी बैंक पर जेपी मॉर्गन की राय
जेपी मॉर्गन ने भी इस स्टॉक पर अपनी'ओवरवेट'रेटिंग को दोहराया है और इसका टारगेट प्राइस 990 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि लीगल रिव्यू से गवर्नेंस रिस्क प्रीमियम को कम करने में मदद मिलनी चाहिए। इसके चलते चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद से HDFC बैंक के वैल्यूएशन पर दबाव बना हुआ था।
जेपी मॉर्गन ने कहा है कि बैंक के कामकाज में कोई खास गिरावट न होने के बावजूद,पूर्व चेयरमैन के हटने के बाद से स्टॉक की 'प्राइस-टू-बुक'वैल्यूएशन में लगभग 8 प्रतिशत की कमी आई है। ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि FCNR जमा को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया उपायों से बैंक को जमा राशि जुटाने और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। स्टॉक के कई सालों के सबसे कम वैल्यूएशन को देखते हुए,ब्रोकरेज का मानना है कि इसका रिस्क-रिवॉर्डर रेशियो अभी भी फेवरेबल है।
जल्द हो सकती है नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नियुक्ति
इसके अलावा,CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि HDFC बैंक का बोर्ड अगले सात से दस दिनों में नए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नियुक्ति को अंतिम रूप दे सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक,नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमिटी प्राथमिकता के क्रम में शॉर्टलिस्ट किए गए तीन नाम बोर्ड को सौंपेगी,जिसके बाद चेयरमैन की नियुक्ति होने पर CEO की नियुक्ति के लिए RBI को सिफारिश भेजी जाएगी। HDFC बैंक ने इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
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