स्कूटर-मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 1500 करोड़ रुपये का कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) तय किया है। इसका उद्देश्य स्कूटर उत्पादन क्षमता को दोगुना करना है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कंपनी के CEO हर्षवर्धन चितले ने एनालिस्ट्स को बताया कि कंपनी ने दक्षिण भारत में एक 'ग्लोबल पार्ट्स सेंटर' शुरू करने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता भी जताई है। नई घोषणाओं के बाद सोमवार, 18 मई को हीरो मोटोकॉर्प के शेयर में तेजी आ सकती है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 5065.30 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
चितले का कहना है, "हम क्षमता बढ़ाने में निवेश कर रहे हैं और हमने वित्त वर्ष 2027 में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के कैपेक्स की प्रतिबद्धता जताई है। यह कैपेक्स हमारे स्कूटरों की उत्पादन क्षमता का विस्तार करेगा। हमारे कुछ ऐसे मॉडल जो बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके लिए हम अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना कर रहे हैं।"
वर्तमान में कंपनी हर महीने लगभग 60,000 स्कूटर बना रही है। जब चितले से पूछा गया कि क्या इस क्षमता को दोगुना करने का अर्थ यह होगा कि यह आंकड़ा 1 लाख के करीब पहुंच जाएगा, तो उन्होंने कहा, "यही हमारा लक्ष्य है।" ICE (इंटरनल कम्बशन इंजन) कैटेगरी के स्कूटरों में, Hero MotoCorp ने अपने 'डेस्टिनी' मॉडल की उत्पादन क्षमता में पहले ही 50 प्रतिशत की वृद्धि कर ली है। अब कंपनी अपने 'Xoom' मॉडल की उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की प्रक्रिया में है।
EV की उत्पादन क्षमता को लेकर क्या प्लान
EV (इलेक्ट्रिक वाहन) को लेकर चितले ने कहा, "हम एक विस्तार को पूरा करने के करीब हैं, जिससे हमें पिछली तिमाही की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक उत्पादन क्षमता हासिल होगी। इसके बाद, आने वाली कुछ और तिमाहियों में हम अपनी उत्पादन क्षमता को और दोगुना करने की प्रक्रिया में होंगे।" उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को 15,000 यूनिट्स से बढ़ाकर 25,000 यूनिट्स तक पहुंचा दिया है, और इस वर्ष के अंत से पहले वे इस क्षमता को और दोगुना कर देंगे।
पार्ट्स सेंटर में नए निवेश के विषय पर चितले ने कहा, "हम एक दूसरे पार्ट्स सेंटर के निर्माण में भी बड़ा निवेश कर रहे हैं, जो हमारे पुर्जों और एक्सेसरीज के कारोबार को और अधिक बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। हमने दक्षिण भारत में एक 'ग्लोबल पार्ट्स सेंटर' शुरू करने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।" मांग पर पश्चिम एशिया युद्ध के असर के बारे में चितले ने कहा कि अप्रैल और मई के पहले हफ्ते में मांग की रफ्तार बनी रही और मांग में कोई कमी नहीं आई।