HAL Shares: Tejas Mk1A की अटकी डिलीवरी जल्द होगी शुरू, यह टाइमलाइन आई सामने

HAL Shares: डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में सोमवार 18 मई को स्टॉक मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि तेजस एमके1ए की डिलीवरी को लेकर अहम अपडेट आया है। जानिए लंबे समय तक अटकने के बाद इसकी डिलीवरी कब शुरू हो सकती है

अपडेटेड May 17, 2026 पर 12:11 PM
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सरकारी ऐरोस्पेस कंपनी HAL को जीई ऐरोस्पेस से अब तक छह इंजन मिल चुके हैं। साथ ही चालू वित्त वर्ष 2027 में अभी और इंजन मिलने की उम्मीद है।

HAL Shares: इंजन सप्लाई और टेस्टिंग से जुड़े काम में लंबे समय तक देरी के चलते वायुसेना को तेजस एमके1ए (Tejas Mk1A) लड़ाकू विमानों की डिलीवरी अटकी थी। हालांकि अब मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इनकी डिलीवरी अगस्त या सितंबर तक शुरू होने की उम्मीद जताई है। ऐसे में 18 मई को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर असर दिख सकता है। एक कारोबारी दिन पहले 15 मई को बीएसई पर यह 4.86% की गिरावट के साथ ₹4386.55 पर बंद हुआ था। पिछले साल 16 मई 2025 को बीएसई पर यह एक साल के हाई ₹5166.00 पर था जिससे 10 महीने में यह 32.65% टूटकर 30 मार्च 2026 को एक साल के निचले स्तर ₹3479.20 पर आ गया।

कितने इंजन मिले HAL को GE Aerospace से

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी ऐरोस्पेस कंपनी एचएएल को जीई ऐरोस्पेस से अब तक छह इंजन मिल चुके हैं। साथ ही चालू वित्त वर्ष 2027 में अभी और इंजन मिलने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से अटके फाइटर जेट प्रोग्राम को लेकर स्थिति कुछ स्पष्ट हुई है। एचएएल के सीएमडी रवि कोटा ने पोस्ट-अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल में अगस्त-सितंबर तक डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि इंजन इंटीग्रेशन शुरू होने के बाद भी जहाज में कई रिफाइनमेंट्स और टेस्टिंग जारी हैं लेकिन पॉजिटिव दिशा में कंपनी आगे बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जीई ऐरोस्पेस ने आने वाले वर्ष में अतिरिक्त इंजन सप्लाई का वादा किया है।


एचएएल को वित्त वर्ष 2027 में 15 से 20 और इंजन मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में Tejas Mk1A प्रोग्राम कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग रेवेन्यू का बड़ा जरिया बन सकता है। बता दें कि वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹1.89 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.54 लाख करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ₹97,028 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जिनमें 97 तेजस एमके1ए विमानों से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं।

क्या कहना है ब्रोकरेज की राय?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेजस एमके1ए प्रोग्राम बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि डिलीवरी की समयसीमा कई बार आगे बढ़ाई जा चुकी है। इससे कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग के अनुमान और काम पूरा करने की टाइमलाइन प्रभावित हुई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अर्निंग्स कॉल में एनालिस्ट्स ने बताया कि समय-सीमा कई बार बढ़ाई गई है, जबकि कुछ निवेशकों ने सवाल उठाया कि क्या डिलीवरी वित्त वर्ष 2027 से आगे बढ़ सकती है। ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने इसकी न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस ₹5255 से घटाकर ₹5225 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एग्जीक्यूशन में सुधार और तेजस एमके1ए की डिलीवरी निवेशकों के लिए अहम ट्रिगर बनी हुई है।

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