Hindustan Aeronautics Shares: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में 23 फरवरी को गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर 3% से ज्यादा टूटकर 4,037 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार करता नजर आया। यह गिरावट उस खबर के बाद आई जिसमें बताया गया कि भारतीय वायुसेना (IAF) का एक तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट इस महीने की शुरुआत में ट्रेनिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, विमान में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई गई है, जिससे वह रनवे से आगे निकल गया था। हादसे में विमान के ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा, लेकिन पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गया।
यह घटना 7 फरवरी को एक भारतीय वायुसेना के एक एयरबेस पर हुआ थी। हालांकि इस मामले में भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पूरे बेड़े को किया गया ग्राउंड
रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने करीब 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों को अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया है। इन सभी विमानों की तकनीकी जांच की जा रही है। यह तेजस जेट से जुड़ा तीसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले मार्च 2024 में एक तेजस लड़ाकू विमान, राजस्थान के जैसलमेर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इससे पहले नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान एक और तेजस विमान दुर्घटना का शिकार हुआ था।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) पहले ही तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी को लेकर दबाव में है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। इस सौदे के तहत भारतीय वायुसेना के लिए 83 तेजस Mk-1A विमान खरीदे जाने हैं।
डिलीवरी में देरी की मुख्य वजह GE एयरोस्पेस की ओर से जेट इंजनों की सप्लाई में देरी बताई जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर में HAL के साथ 62,370 करोड़ रुपये का एक और बड़ा करार किया था, जिसके तहत 97 अतिरिक्त तेजस Mk-1A विमान खरीदे जाने हैं।
तेजस एक सिंगल-इंजन मल्टी-रोल फाइटर जेट है। इसे उच्च जोखिम वाले युद्ध वातावरण में ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है। यह एयर डिफेंस, समुद्री निगरानी और स्ट्राइक मिशन जैसे कई रोल निभाने में सक्षम है। तेजस कार्यक्रम को भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का अहम हिस्सा माना जाता है।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।