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HUL के रॉयल्टी बढ़ाने के प्रस्ताव ने शेयरहोल्डर्स को क्यों किया निराश?

Hindustan Unilever Share : हिंदुस्तान यूनिलीवर के पेरेंट कंपनी यूनिलीवर को दी जाने वाली रॉयल्टी में बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को इसके शेयरों में लगभग 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। भले ही बाद के ट्रेडिंग सेशंस में गिरावट और नहीं बढ़ी, लेकिन शेयर अपनी गिरावट की भरपाई नहीं कर सका। HUL के एमडी और सीईओ संजीव मेहता ने कहा कि जब मैनेजमेंट इनवेस्टर्स के साथ संवाद करेगा तो वे इस प्रस्ताव की अहमियत समझेंगे

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 25, 2023 पर 1:41 PM
HUL के रॉयल्टी बढ़ाने के प्रस्ताव ने शेयरहोल्डर्स को क्यों किया निराश?
संजीव मेहता, एमडी और सीईओ, HUL

Hindustan Unilever Share : हिंदुस्तान यूनिलीवर के पेरेंट कंपनी यूनिलीवर को दी जाने वाली रॉयल्टी में बढ़ोतरी के फैसले से शेयरहोल्डर्स के मन में निराशा है। इसी कारण शुक्रवार को इसके शेयर में लगभग 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी, जो उनकी नाराजगी के संकेत हैं। भले ही ट्रेडिंग सेशंस में गिरावट और नहीं बढ़ी, लेकिन शेयर अपनी गिरावट की भरपाई नहीं कर सका। HUL के एमडी और सीईओ संजीव मेहता (Sanjiv Mehta) ने इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जब मैनेजमेंट इनवेस्टर्स के साथ संवाद करेगा तो वे इस प्रस्ताव की अहमियत समझेंगे।

रॉयल्टी पर क्या हुआ फैसला

HUL अपनी सेल्स पर हर साल यूनिलीवर को एक रॉयल्टी देती है। यूनिलीवर की कंपनी में 62 फीसदी हिस्सेदारी है। एचयूएल 10 साल के एग्रीमेंट के तहत उसके ट्रेडमार्क, ब्रांड, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज का इस्तेमाल करती है। यह एग्रीमेंट 31 जनवरी, 2023 को खत्म हो रहा है।

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