Hindustan Zinc Share Price: हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में आज खरीदारी का जोरदार रुझान दिखा और शेयर 3 फीसदी से अधिक उछल गए। हालांकि फिर मुनाफावसूली के दबाव में यह रेड जोन में आ गया। शेयरों में खरीदारी का रुझान ऑफर फॉर सेल के चलते आया जो इस वित्त वर्ष 2024-25 में पूरा हो सकता है। सीएनबीएसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। हिंदुस्तान जिंक में सरकार कई किश्तों में अपनी हिस्सेदारी हल्की करने की योजना बना रही है। अब इसके इसी वित्त वर्ष 2025 में होने के खुलासे पर शेयर उछल गए। आज BSE पर यह 2.29 फीसदी की गिरावट के साथ 595.05 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 3.79 फीसदी के उछाल के साथ 632.10 रुपये पर पहुंच गया था।
Hindustan Zinc में सरकार की कितनी है हिस्सेदारी?
हिंदुस्तान जिंक के ऑफर फॉर सेल पर खुलासे ने इसके शेयरों की खरीदारी बढ़ा दी। जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से इसमें सरकार की 29.54 फीसदी हिस्सेदारी है वेदांता के पास इसके 64.92 फीसदी पेड-अप इक्विटी शेयर हैं। पिछले महीने दीपम सेक्रेटरी तुहिन कांता पांडेय ने कहा था कि सरकार इसमें अपनी कुछ हिस्सेदारी हल्की करने पर विचार कर रही है। केंद्रीय कैबिनेट ने वर्ष 2022 में सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
कैसी है हिंदुस्तान जिंक की कारोबारी सेहत
हिंदुस्तान जिंक के कारोबारी सेहत की बात करें तो लगातार छह तिमाहियों की गिरावट के बाद जून तिमाही में कंपनी को मुनाफा हुआ। जिंक की ऊंची कीमतों और डिमांड बढ़ने के चलते इसे सपोर्ट मिला। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 19.4 फीसदी उछलकर 2345 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान जिंक की बिक्री में 14 फीसदी का इजाफा हुआ। जिंक और लेड बिजनेस के रेवेन्यू में 11.4 फीसदी के उछाल के दम पर ओवरऑल रेवेन्यू 11 फीसदी बढ़कर 7,893 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर प्रोड्यूसर हिंदुस्तान जिंक को चांदी की बिक्री से 10 फीसदी का अधिक रेवेन्यू हासिल हुआ।