Hind Zinc के शेयरों में 8 फीसदी की रैली, FY24 के लिए अंतरिम डिविडेंड पर जल्द फैसला ले सकती है कंपनी

बुधवार देर रात एक फाइलिंग में Hind Zinc ने कहा कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शनिवार, 08 जुलाई को एक बैठक होगी, जिसमें FY24 के लिए अंतरिम डिविडेंड पर फैसला किया जाएगा। अंतरिम डिविडेंड पेमेंट की एलिजिबिलिटी के लिए रिकॉर्ड डेट, यदि कोई हो, शनिवार, 15 जुलाई 2023 होगी

अपडेटेड Jul 06, 2023 पर 3:00 PM
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Hindustan Zinc के शेयरों में आज 8 फीसदी तक की दमदार रैली आई है।
     
     
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    Hindustan Zinc के शेयरों में आज 8 फीसदी तक की दमदार रैली आई है। इस समय यह स्टॉक NSE पर 7.26 फीसदी की बढ़त के साथ 334.10 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। दरअसल, वेदांता ग्रुप की कंपनी ने कहा कि वह FY24 के लिए अंतरिम डिविडेंड के भुगतान पर विचार करेगी। यही वजह है कि निवेशक आज इस स्टॉक में जमकर निवेश कर रहे हैं। बुधवार देर रात एक फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शनिवार, 08 जुलाई को एक बैठक होगी, जिसमें FY24 के लिए अंतरिम डिविडेंड पर फैसला किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि अंतरिम डिविडेंड पेमेंट की एलिजिबिलिटी के लिए रिकॉर्ड डेट, यदि कोई हो, शनिवार, 15 जुलाई 2023 होगी।

    जून तिमाही में प्रोडक्शन के आंकड़े

    सोमवार को जारी जून तिमाही (Q1) के प्रोडक्शन में कंपनी ने अपना अब तक का सबसे अधिक खनन मेटल प्रोडक्शन 257,000 टन दर्ज किया है। मुख्य रूप से रामपुरा अगुचा और कायड खदानों में हायर ओर प्रोडक्शन के चलते उत्पादन बढ़ा है। हालांकि, तिमाही आधार पर खनन मेटल प्रोडक्शन 15 फीसदी घट गया है। हर साल पहली तिमाही में की जाने वाली माइन प्रीपरेशन एक्टिविटी के चलते गिरावट आई है।


    रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन 260,000 टन रहा, जो तिमाही आधार पर 4 फीसदी कम है। इंटीग्रेटेड जस्ता उत्पादन सालाना आधार पर 1 फीसदी बढ़कर 209,000 टन हो गया, लेकिन तिमाही आधार पर यह 3 फीसदी कम है।

    वेदांता ग्रुप के पास Hind Zinc में 64.92 फीसदी हिस्सेदारी

    प्रमोटर वेदांता ग्रुप के पास Hind Zinc में 64.92 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी है, जो जस्ता, सीसा और चांदी का एक इंटीग्रेटेड उत्पादक है। सरकार कंपनी में अपनी शेष 29.54 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। वेदांता विदेशों में अपनी जिंक एसेट्स को हिंदुस्तान जिंक को बेचना चाहती है। यह सौदा करीब 298 करोड़ डॉलर का हो सकता है। हालांकि, सरकार इस सौदे के खिलाफ है। सरकार की आपत्ति जिंक एसेट्स के वैल्यूएशन को लेकर है। पिछले महीने एक रिपोर्ट में कहा गया था कि वेदांता का प्रस्ताव जून में समाप्त हो गया था और सरकार विनिवेश योजना के साथ आगे बढ़ना चाह रही थी और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय रोड शो की संभावना है।

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