Hindustan Zinc share price : हिंदुस्तान जिंक 5% भागा, MCX पर चांदी का मार्च वायदा 3.5 लाख के पार, सिल्वर ETF में क्या करें?
Hindustan Zinc share price : MCX पर मार्च एक्सपायरी वाले सिल्वर वायदा में 7% से ज़्यादा की तेज़ी देखने को मिल रही है और यह 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया है। सिल्वर ETFs भी 12 फीसदी तक भागे हैं
Silver ETFs : आज सिल्वर के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। चांदी में तेजी का असर ETFs पर पड़ा है। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF में करीब 10 प्रतिशत की तेज़ी आई है
Hindustan Zinc share price : 27 जनवरी को हिंदुस्तान जिंक के शेयर करीब 5 परसेंट बढ़ गए। चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेज़ी जारी रही और कीमतें नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गईं, इससे देश में सिल्वर की सबसे बड़े प्रोड्यूसर हिंदुस्तान जिंक को सपोर्ट मिला है । सिल्वर ETF में भी इस कीमती और इंडस्ट्रियल मेटल में आई तेज़ी का असर देखने को मिला है। मंगलवार को शुरुआती कारोबारी घंटों में हिंदुस्तान जिंक के शेयर 733 रुपये प्रति शेयर के नए 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए। वेदांता ग्रुप की यह कंपनी भारत में चांदी की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर है। यह 99.9 फीसदी शुद्धता वाली रिफाइंड चांदी बनाती है।
रिकॉर्ड हाई पर चांदी
MCX पर मार्च एक्सपायरी का सिल्वर वायदा 7 फीसदी से ज़्यादा बढ़कर 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गए। मई और जुलाई एक्सपायरी वाले फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट भी बढ़कर 3,75,261 रुपये प्रति किलोग्राम और 3,82,940 रुपये प्रति किलोग्राम के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। स्पॉट सिल्वर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 109.22 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सोमवार को यह 117.69 डॉलरके रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था। इस साल अब तक चांदी 53% बढ़ चुकी है। रॉयटर्स ने KCM ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर के हवाले से कहा है कि इस साल ट्रंप की पॉलिसीज के चलते कीमती धातुए डिफेंसिव प्ले बनी रहेंगी। कनाडा और दक्षिण कोरिया पर हाई टैरिफ की धमकियां सोने को सेफ-हेवन टूल बनाए रखने के लिए काफी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह दक्षिण कोरिया से आने वाली कारों, लकड़ी और फार्मास्यूटिकल्स के इंपोर्ट पर टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देंगे। उन्होंने वॉशिंगटन के साथ ट्रेड डील करने में नाकाम रहने के लिए सियोल की आलोचना की। इसके पहले वे कनाडा पर टैरिफ की धमकी दे चुके हैं। टैरिफ में इस उतार-चढ़ाव से कीमती धातुओं की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है।
सिल्वर ETFs
आज सिल्वर के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। चांदी में तेजी का असर ETFs पर पड़ा है। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF (सिल्वरबीज़) में करीब 10 प्रतिशत की तेज़ी आई और यह 321.48 रुपये प्रति यूनिट के नए 52-हफ़्ते के हाई पर पहुंच गया। ग्रोव सिल्वर ETF में भी करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ज़ेरोधा सिल्वर ETF में 11 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई और यह 34.7 रुपये प्रति यूनिट के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इस बीच, HDFC सिल्वर ETF में 12 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई। UTI सिल्वर ETF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ETF, टाटा सिल्वर ETF, ICICI प्रू सिल्वर ETF, DSP सिल्वर ETF, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ETF, एक्सिस सिल्वर ETF और दूसरे ETFs में भी तेज बढ़ोतरी हुई है।
आज सिल्वर के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। चांदी में तेजी का असर ETFs पर पड़ा है। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF (सिल्वरबीज़) में करीब 10 प्रतिशत की तेज़ी आई और यह 321.48 रुपये प्रति यूनिट के नए 52-हफ़्ते के हाई पर पहुंच गया। ग्रोव सिल्वर ETF में भी करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ज़ेरोधा सिल्वर ETF में 11 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई और यह 34.7 रुपये प्रति यूनिट के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। इस बीच, HDFC सिल्वर ETF में 12 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई। UTI सिल्वर ETF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ETF, टाटा सिल्वर ETF, ICICI प्रू सिल्वर ETF, DSP सिल्वर ETF, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ETF, एक्सिस सिल्वर ETF और दूसरे ETFs में भी तेज बढ़ोतरी हुई है।
सिल्वर ETF में क्या हो निवेश रणनीति?
VT मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल ने कहा कि जो लोग ETF में नए इन्वेस्टमेंट की सोच रहे हैं, उनके लिए अभी सबसे बड़ा रिस्क वैल्यूएशन और सेंटीमेंट का है। उन्होंने आगे कहा कि चांदी सोने से कहीं ज़्यादा वोलेटाइल है और जब सट्टेबाजी कम होती है तो इसमें जोरदार तेज़ी के बाद अक्सर उतनी ही तेज़ गिरावट भी आती है। अगर चांदी की कीमतें स्टेबल हो जाएं या तेज़ी से नीचे आ जाएं तो मौजूदा हाई लेवल पर इन्वेस्ट करने से नए इन्वेस्टर्स को शॉर्ट-टर्म में नुकसान हो सकता है। जो लोग फिर भी इन्वेस्ट करना चाहते हैं,उनके लिए बेहतर तरीका यह है कि वे डॉलर कॉस्ट एवरेजिंग स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करें,छोटे-छोटे हिस्सों में इन्वेस्ट करें,जिससे एंट्री कॉस्ट एवरेज हो जाए और टाइमिंग का रिस्क कम हो जाए।
जो निवेशक अपनी पोजीशन से बाहर निकलने की सोच रहे हैं, उनके लिए मैक्सवेल की सलाह है कि अगर सिल्वर को टैक्टिकल हेज या शॉर्ट-टर्म ट्रेड के तौर पर जोड़ा गया था, तो कुछ प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए। प्रॉफिट लॉक करने और टारगेट एसेट एलोकेशन के हिसाब से रीबैलेंस करने से अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिलती है,जो कीमती धातुओं में आम बात है।
उन्होंने आगे कहा कि जो निवेशक लंबा नज़रिया रखते हैं और इंडस्ट्रियल डिमांड और टाइट सप्लाई जैसे स्ट्रक्चरल फैक्टर्स पर भरोसा करते हैं, वे अपनी कोर पोजीशन बनाए रख सकते हैं। यह बड़े नए इन्वेस्टमेंट के लिए सही भाव नहीं है। लेकिन मौजूदा होल्डर्स के लिए पूरी तरह बाहर निकलने के बजाय थोड़ा प्रॉफ़िट बुक करना चाहिए।
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