HMA Agro IPO Listing: बफैलो मीट यानी बीफ एक्सपोर्ट करने वाली दिग्गज कंपनी एचएमए एग्रो (HMA Agro) के शेयरों की आज मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों को खुदरा निवेशकों का फीका रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था। हालांकि आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर 585 रुपये के भाव पर जारी हुए थे और अब घरेलू मार्केट में बीएसई पर इसकी 615 रुपये पर एंट्री हुई है यानी निवेशकों को 5 फीसदी से अधिक लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद भी शेयर नहीं थमे और 670.45 रुपये (HMA Agro Share Price) तक इंट्रा-डे में पहुंच गए यानी इस लेवल पर हर शेयर पर आईपीओ निवेशकों को 85.45 रुपये यानी 15 फीसदी मुनाफा हुआ। हालांकि फिर मुनाफावसूली ने इसके भाव तोड़ दिए और दिन के आखिरी में यह 584.75 रुपये पर बंद हुए यानी आईपीओ निवेशकों का पूरा मुनाफा खत्म हो गया।
HMA Agro IPO में खुदरा निवेशकों का हिस्सा नहीं भरा पूरा
इसका 480 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-23 जून के बीच खुला था और 1.62 गुना सब्सक्राइब हुआ था। खुदरा निवेशकों का हिस्सा सिर्फ 0.96 गुना ही भर पाया। आईपीओ के तहत 585 रुपये के भाव पर 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर जारी हुए हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी। इस आईपीओ के तहत 150 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं और 330 करोड़ रुपये के शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री हुई है।
एचएमए एग्रो एक फैमिली बिजनेस है जिस गुलजार अहमद और वाजिद अहमद ने मिलकर शुरू किया था। गुलजार अहमद इसके चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक हैं, जबकि वाजिद अहमद बोर्ड के एमडी हैं। कंपनी के कारोबार की बात करें तो यह बफैलो मीट, नेचुरल प्रोडक्ट्स, सब्जियों और सीरेल्स के कारोबार में है और बफैलो मीट यानी बीफ एक्सपोर्ट करने वाली देश की बड़ी कंपनियों में शुमार है। बीफ निर्यात में इसकी 10 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है। इसके प्रोडक्ट्स का निर्यात 40 से अधिक देशों में होता है। कंपनी की करीब 90 फीसदी बिक्री निर्यात के रूप में है। ब्लैक गोल्ड, कामिल और एचएमए के ब्रांड नाम से यह अपने प्रोडक्ट्स बेचती है।
अलीगढ़, मोहाली, आगरा और पारभानी में इसके चार फुल्ली इंटीग्रेटेड पैकेज्ड मीट प्रोसेसिंग प्लांट्स हैं और अब यह हरियाणा मं एक और ऐसा प्लांट खोलने की तैयारी मे है। वहीं उन्नाव में एक और प्लांट के लिए यह जमीन ले रही है। इसके अलावा कंपनी के पास जयपुर और मानेसर में सेकंडरी लेवल की दो मीट प्रोसेसिंग यूनिट है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें को हर वित्त वर्ष में इसका मुनाफा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2019 में इसे 31.17 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। अगले ही वित्त वर्ष में यह बढ़कर 45.90 करोड़, फिर वित्त वर्ष 2021 में 71.60 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2022 में 117.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।