पिछले कुछ महीनों से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कई कारणों की वजह से मार्केट सेंटीमेंट कमजोर हुआ है और पूरी दुनिया के स्टॉक मार्केट में भारी उठापटक देखने को मिल रही है। भारतीय बाजार पर नजर डालें तो जनवरी 2022 में सेंसेक्स 61200 के अपने ऑल टाइम हाई के करीब आ गया। उसके बाद से यह घड़ी के पेंडुलम की तरह लगातार आगे-पीछे झुलता नजर आ रहा है।
विदेशी निवेशकों की तरफ से हो रही निकासी, पूर्वी यूरोप का जियोपॉलिटिकल तनाव, बढ़ती महंगाई , ब्याज दरों में बढ़ोतरी कुछ ऐसे कारण हैं जो बाजार में वोलैटिलिटी ला रहे हैं। बाजार में आई हालिया गिरावट में एथेनॉल से जुड़े स्टॉक्स को छोड़ दें तो लगभग सभी शेयरों को बिकवाली का सामना करना पड़ा है। लाइव मिंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इसमें तमाम ब्लूचिप स्टॉक्स शामिल हैं। मजबूत फंडामेंटल्स के बावजूद इनमें तमाम स्टॉक ऐसे हैं जो अपने हाई से 30-40 फीसदी टूटे हैं। वहीं इनमें से कुछ स्टॉक्स ने तो अपना 52 वीक लो तक हिट कर दिया है। आइए ऐसे में दखते हैं क्या इस गिरावट में इनमें कोई निवेश के मौके बनते हैं।
HDFC Bank- हमारी इस सूची में पहला नाम एचडीएफसी बैंक का है। इस हफ्ते यह स्टॉक 1285 रुपये के अपने 52 वीक लो को छूता नजर आया। एचडीएफसी बैंक देश का प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज बैंक है। इसका कुल एसेट 20 ट्रिलियन रुपये है। देश भर में इसकी 6300 ब्रांच हैं। एचडीएफसी बैंक जल्द ही एचडीएफसी के साथ मर्ज हो जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस मर्जर से वैल्यू क्रिएट होता नजर आएगा। वर्तमान में यह स्टॉक 3.5 गुने के प्राइस टू बुक वैल्यू पर कारोबार कर रहा है जो इसके 10 साल के 4.5 गुने के प्राइस टू बुक वैल्यू से डिस्काउट पर है लेकिन यह वर्तमान में 2.2 गुने के इंडस्ट्री एवरेज से प्रीमियम पर कारोबार करता नजर आ रहा है।
Axis Bank-हमारी सूचि का अगला स्टॉक भी बैंकिंग सेक्टर से संबंधित है। इस स्टॉक का नाम है एक्सिस बैंक। हाल में आई बिकवाली में एक्सिस बैंक को भी भारी मार पड़ी है। अप्रैल 2022 में 800 रुपये का हाई छूने के बाद इसी हफ्ते यह स्टॉक 20 फीसदी के गिरावट के साथ 630.8 रुपये का अपना 52 वीक लो छूता नजर आया। हालांकि इस गिरावट का बैंक के कारोबारी प्रदर्शन से कुछ लेना देना नहीं है। पिछले 5 सालों के दौरान बैंक के प्रोविजन और असेट क्वालिटी में अच्छा सुधार देखने को मिला है। 2021 में बैंक का नेट एनपीए 2018 के 2.1 फीसदी से घटकर 1.1 फीसदी पर आ गया है।
एक्सिस बैंक देश का एक बड़ा बैंक है। देश भर में इसकी 4500 से ज्यादा शाखाएं है। बैंक ने हाल ही में सिटी बैंक के रिटेल पोर्टफोलियो का अधिग्रहण किया है। जिससे बैंक के कारोबार को बूस्ट मिला है।
Nestle India- हमारी इस लिस्ट का तीसरा स्टॉक नेस्ले इंडिया है। Nestle India देश की एक अग्रणी एफएमसीजी कंपनी है। इस स्टॉक में बाजार में हाल में आई गिरावट में अप्रैल 2022 के इसके हाई से पिछले हफ्ते के 16140 रुपये के 52 वीक लो छूने तक 11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। यह स्विस (Swiss)कंपनी नेस्ले की सब्सिडियरी है। पूरे देश में कंपनी का कारोबार फैला है। भारत में इसकी 8 इकाई और प्रोसेसिंग यूनिटें है। कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त है और उसका कैश फ्लो काफी मजबूत है। डिविडेंड के मामले में कंपनी का शानदार रिकॉर्ड है। पिछले 5 साल का इसका डिविडेंड यील्ड औसतन 5.1 फीसदी रहा है जो कि इंडस्ट्री के 2.1 फीसदी के औसत से काफी ज्यादा है।
Wipro- हमारी इस सूची का अगला स्टॉक है विप्रो। पूरी दुनिया में टेक स्टॉक में भारी बिकवाली देखने को मिली है। विप्रो भी इसका अपवाद नहीं रहा है। वर्तमान में यह स्टॉक 493 रुपये के आसपास नजर आ रहा है जो पिछले हफ्ते के 462 रुपये के अपने 52 वीक लो से थोड़ा ही ऊपर है। विप्रो एक ग्लोबल आईटी कंपनी है। कंपनी नए सेगमेंट में कदम रखने के साथ ही अपने इम्प्लाय कॉस्ट को कम रखते हुए अपने मार्जिन को बढ़ाने में कामयाब रही है।
Tata Steel- हमारी इस सूची का आखिरी स्टॉक टाटा स्टील है। अप्रैल 2022 में यह स्टॉक 1350 रुपये पर नजर आ रहा था। वर्तमान में यह 1188 रुपये के आसपास दिख रहा है। जो इसके 52 वीक लो से काफी करीब है लेकिन कंपनी के स्टॉक के इस प्रदर्शन का कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है। कंपनी को हाल में स्टील की कीमतों में आई बढ़ोतरी का अच्छा फायदा मिला है। पिछले 5 साल के दौरान कंपनी के आय और मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस अवधि में कंपनी के आय और मुनाफे में सालाना आधार पर 11.4 फीसदी और 70 फीसदी की दर से बढ़ोतरी देखने को मिली।
निवेश के लिए किसी स्टॉक को चुनने में वैल्यूएशन की काफी अहमियत होती है लेकिन यह अकेला मानक नहीं है। हमारे निवेश निर्णय में दूसरे फैक्टर भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर आप किसी ब्लूचिप स्टॉक में निवेश करने जा रहे हैं तो अच्छी तरह से जांच परख कर निवेश निर्णय लें। ब्लूचिप स्टॉक गारंटी के साथ नहीं आते। क्वालिटी की भी एक एक्सपायरी डेट होती है। तमाम ऐसे स्टॉक रहे हैं जो कभी ब्लूचिप स्टॉक थे। बाद में वह पेनी स्टॉक में बदल गए और कुछ में तो रिकवरी ही नहीं आई। Satyam Computers, BHEL, Unitech यहां तक की दुनिया भर में जानामाना नाम Lehman Brothers इसका उदाहरण हैं।
चूंकि ब्लूचिप स्टॉक काफी जाने-माने नाम होते हैं ऐसे में नए निवेशक थोड़ा ऊंचे वैल्यूएशन पर भी इनमें निवेश करने में नहीं हिचकते। लेकिन निवेशकों को सलाह होगी कि वे अस्वाभाविक वैल्यूएशन पर किसी भी स्टॉक पर दांव ना लगाएं,चाहे वे ब्लूचिप ही क्यों ना हों।
Equitymaster.com से साभार अनुवादित
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